दिल्ली:सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ शनिवार को अयोध्या मामले पर अपना सुरक्षित रखा फैसला सुनाएगी.
खबरों के मुताबिक सुबह लगभग 10 बजे चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच के द्वारा अयोध्या मसले पर फैसला सुनाया जा सकता है विदित हो कि बेंच ने 40 दिन तक हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों दलीलें सुनने और लिखित लेने के बाद 16 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था।
खबरों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आरके तिवारी, डीजीपी ओमप्रकाश सिंह समेत कई वरिष्ठ अफसरों से मुलाकात की। इस दौरान चीफ जस्टिस ने अयोध्या केस में फैसला आने से पहले प्रदेश की सुरक्षा तैयारियों को लेकर चर्चा की।संविधान पीठ की अध्यक्षता कर रहे चीफ जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर होंगे।
प्रधानमंत्री ने ट्वीट की और लोगों से की अपील और कहा
अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, वो किसी की हार-जीत नहीं होगा। देशवासियों से मेरी अपील है कि हम सब की यह प्राथमिकता रहे कि ये फैसला भारत की शांति, एकता और सद्भावना की महान परंपरा को और बल दे।
‘देश की न्यायपालिका के मान-सम्मान को सर्वोपरि रखते हुए समाज के सभी पक्षों ने, सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों ने, सभी पक्षकारों ने बीते दिनों सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए जो प्रयास किए, वे स्वागत योग्य हैं। कोर्ट के निर्णय के बाद भी हम सबको मिलकर सौहार्द बनाए रखना है।’ ‘अयोध्या पर कल सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आ रहा है। पिछले कुछ महीनों से सुप्रीम कोर्ट में निरंतर इस विषय पर सुनवाई हो रही थी, पूरा देश उत्सुकता से देख रहा था। इस दौरान समाज के सभी वर्गों की तरफ से सद्भावना का वातावरण बनाए रखने के लिए किए गए प्रयास बहुत सराहनीय हैं।’
फैसले के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था
अयोध्या जिले को चार जोन- रेड, येलो, ग्रीन और ब्लू में बांटा गया है, जिनमें 48 सेक्टर बनाए गए हैं। विवादित परिसर, रेड जोन में स्थित है।
अयोध्या विवाद पर फैसला आने के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में तीन दिन स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे। 12 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा का अवकाश है।
पुलिस के मुताबिक, सुरक्षा योजना ऐसी बनाई गई जिससे एक आदेश पर पूरी अयोध्या को सील किया जा सके। इससे पहले दीपोत्सव पर यहां सुरक्षाबलों की 47 कंपनियां पहुंची थीं, जो अभी भी तैनात है।
अयोध्या पुलिस ने सोशल मीडिया पर किसी भी सम्प्रदाय के खिलाफ भड़काऊ कंटेंट के प्रसार पर नजर रखने के लिए जिले के 1600 स्थानों पर 16 हजार वॉलंटियर तैनात किए हैं।
अयोध्या के डीएम अनुज कुमार ने कहा- प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। फैसले के बाद स्कूलों के खुलने के संबंध में भी बातचीत की जा चुकी है।
अयोध्या पर फैसले को देखते हुए रेलवे पुलिस (आरपीएफ) ने सभी जोन कार्यालयों को प्लेटफॉर्म, स्टेशन और यार्ड पर खास निगरानी रखने को कहा है।
भीड़भाड़ वाले 78 स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ाने को कहा गया है, जिनमें मुंबई, दिल्ली, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के स्टेशन शामिल हैं।
आरपीएफ ने अपने सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। अयोध्या पर फैसला आने से पहले रेलगाड़ियों में भी अतिरिक्त बल तैनात करने की बात कही है।
दिल्ली पुलिस ने कहा- अयोध्या मामले में संभावित फैसले को देखते हुए जिला पुलिस उपायुक्तों और हाउस स्टेशन अफसरों को सामुदायिक संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।
40 दिन तक सुनवाई के दौरान 6 प्रमुख बिंदुओं पर हिंदू-मुस्लिम पक्ष की दलीलें
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विवादित जमीन को 3 हिस्सों में बांटने के लिए कहा था
2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि अयोध्या का 2.77 एकड़ का क्षेत्र तीन हिस्सों में समान बांट दिया जाए। एक हिस्सा सुन्नी वक्फ बोर्ड, दूसरा निर्मोही अखाड़ा और तीसरा रामलला विराजमान को मिले। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 14 याचिकाएं दाखिल की गई थीं।