आम मौत,घंटों पड़ा रहा शव,पड़ोसी रिश्तेदार नहीं आए,बीडीओ की पहल,बेटी ने दी मुखाग्नि

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रांची:कोरोना काल मानव बेहाल रिश्ते नाते हुए तार तार। इस महामारी के दूसरी लहर में रिश्तेदारी हुई तार तार श्मशान में लगी है शवों की कतार। स्थिति इतनी भयावह हो गई है कि कोई रिश्तेदार का निधन आम बीमारी से भी हो जा रहा है या किसी भी तरह हो रहा है। उनका शव उठाने वाला और दाह संस्कार करने वाला भी कई बार सामने नहीं आ रहे हैं। रिश्तेदार भी नहीं पूछ रहे हैं। ऐसी स्थिति में पीड़ित परिवार के समक्ष काफी विकट समस्या उत्पन्न हो रही है। इसका ताजा उदाहरण शुक्रवार को लातेहार जिले के चंदवा में देखने को आया जो चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जाता है कि शहर से सटे पंचमुखी हनुमान मंदिर मोहल्ले में राजेन्द्र मिस्त्री नामक व्यक्ति की आकस्मिक मौत की सूचना उनकी बेटी के द्वारा पड़ोसियों को दी गई क्योंकि मृतक के परिवार में मात्र वही केवल पुरुष सदस्य था लेकिन कोई पड़ोसी मृतक के अंतिम संस्कार में शामिल होने को तैयार नहीं हुए। अंतत:मजबूरन उनकी पत्नी गोद में एक मासूम को लिए पति की चिता तपती धूप में नदी के किनारे खाली पांव सजाने के बाद उनकी नाबालिक 12 वर्षीय बेटी ने पिता के मुख में अग्नि देकर दाह संस्कार कर रस्म निभाया। इस दौरान घंटों चट्टान पर मां अपने पति और बेटी अपने पिता की चिता को निहारती रही। मात्र एक कमाने वाले राजेंद्र के जाने के बाद बेसहारा परिवार टक टक चिता को निहारते रहने के सिवाय उनके पास कोई चारा नहीं था। उनके साथ कोई रिश्तेदार या पड़ोसी दाह संस्कार में नहीं शामिल हुआ। जिनका उन्हें जिंदगी भर मलाल रह गया।

बताया जाता है कि राजेंद्र की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी और बेटी पड़ोसियों रिश्तेदारों से दाह संस्कार के लिए गुहार लगाती रही लेकिन घंटों किसी ने सुधि नहीं ली। इस बात की सूचना कतिपय लोगों के द्वारा प्रखंड विकास पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार सिंह तक पहुंचा दी गई। इसके बाद प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ। वीडियो चंदवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एंबुलेंस लेकर मौके वारदात पर पहुंच कर शव को देव नदी के किनारे एंबुलेंस से ले जाया गया और वहां दाह संस्कार किया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार राजेंदर चंदवा में मिस्त्री का काम कर पिछले कई वर्षों से अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा था। परिवार काफी आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। अब उनकी हालत और खराब होने का अनुमान लगाकर प्रखंड विकास पदाधिकारी ने आर्थिक सहायता के साथ-साथ खाद्यान्न भी उपलब्ध करवाया।