उप विकास आयुक्त के द्वारा जनता दरबार का आयोजन, शिकायत पत्रों का त्वरित निष्पादन हेतु…

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गढ़वा : उप विकास आयुक्त गढ़वा नमन प्रियेश लकड़ा के कार्यालय प्रकोष्ठ में जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार में प्राप्त शिकायत पत्रों का त्वरित निष्पादन हेतु संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को भेजा गया।

सर्वप्रथम मेराल प्रखंड के गेरुआ पंचायत निवासी बाल्मीकि चौबे ने उप विकास आयुक्त गढ़वा के समक्ष अपना आवेदन पत्र समर्पित करते हुए ग्राम गेरुआ में विभिन्न योजनाओं के तहत कराये गए निर्माण कार्य मे लगभग सत्रह लाख रुपये के किये गए वितीय अनियमितता की शिकायत किया है। उन्होंने बताया कि 14वें वित्त की राशि से निर्माण कराये गए सड़क, पुल एवम सिंचाई जैसे निर्माण कार्यों में किये गए अनियमितता के संबंध में उनके द्वारा सूचना अधिकार अधिनियम के तहत सूचना मांगी थी, जिससे वितीय अनियमितता स्पस्ट होती है। उन्होने मामले की त्वरित जांच कराकर सरकारी राशि को जनहित में भ्रष्टाचार से मुक्त कराने का अनुरोध किया है।

चिनिया प्रखंड के बरवाडीह निवासी राम प्रताप यादव ने विधायक मद योजना के द्वारा निर्माण कराए गए सामुदायिक भवन बरवाडीह प्रखंड चिनिया का राशि भुगतान कराने के संबंध में आवेदन समर्पित किया है। उन्होंने बताया कि विधायक मद योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2007-08 में ग्राम बरवाडीह में सामुदायिक भवन का निर्माण कराया गया था जिसमें योजना का 50% की राशि ₹94000 का भुगतान कर दिया गया है परंतु शेष 94000 रुo की राशि का भुगतान अभी तक लंबित है। अतः उन्होंने उप विकास आयुक्त से शेष बकाया राशि के भुगतान कराने का अनुरोध किया है। डंडई प्रखंड के बौलिया निवासी उमेश शाह ने आम बागवानी योजना में कूप निर्माण कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि 1 एकड़ भूमि में पिछले वर्ष उन्होंने आम का पौधा लगाया है परंतु गर्मी के दिनों में आम के पौधा को सिंचाई करने में काफी परेशानी होती है। अतः उन्होंने मनरेगा योजना के तहत आम बागवानी हेतु एक कूप निर्माण कराने का अनुरोध किया है।

रमना प्रखंड के मंगरा निवासी सकेन्द्र गुप्ता ने आवेदन समर्पित करते हुए आवास उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि वे एक गरीब भूमिहीन एवम लाचार व्यक्ति हैं , वे दोनों आंखों से अंधे हैं तथा किसी प्रकार अपना जीवन यापन करते हैं। जनता दरबार में अन्य विषयों से संबंधित मामले भी आएं जिन्हें त्वरित कार्रवाई हेतु संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को भेजा गया।