एमजीएम अस्पताल में भर्ती महिला से दुष्कर्म मामले की निष्पक्ष जांच हुई तो कई अधिकारी..स्वास्थ्य मंत्री ने कहा सस्पेक्ट, सीसीटीवी में आरोपी कैद

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जमशेदपुर: एमजीएम अस्पताल में भर्ती 50 साल की महिला मरीज के साथ दुष्कर्म मामले को स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने गंभीरता से लिया और कहा कि मामला संदिग्ध है। सरकार कार्रवाई करके भी दिखाएगी। कोई कोर कसर नहीं छोड़ा जाएगा। एक ओर जिला के वरीय पुलिस अधीक्षक को जांच का आदेश दिया गया है। साथ ही जिला उपायुक्त को एमजीएम अधीक्षक को शो कोज देने को कहा गया और उपायुक्त ने एमजीएम को शो कोज दे दिया है। दूसरी ओर मामले में दबाव आने पर एमजीएम अधीक्षक ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। कमेटी अपनी रिपोर्ट शनिवार को देगी। कमेटी का नेतृत्व वरिष्ठ प्रोफेसर डॉक्टर आरवाई चौधरी को सौंपी गई है। वैसे चर्चाओं का बाजार गर्म है कि पहले एमजीएम प्रबंधन ने पूरे मामले को अफवाह बताकर मामले को दबाने का प्रयास किया था। अब वह निष्पक्ष जांच करेगी इस पर प्रश्न चिन्ह है?

मामले में प्रगति के तौर पर छह मार्च के सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि दुष्कर्मी दो बार महिला वार्ड में गया। वह पहली बार रात के लगभग सवा दस बजे फीमेल वार्ड में जाता है। वार्ड का मुआयना करता है। इसके बाद लगभग 10 बजकर 55 मिनट पर निकल जाता है। निकलने से पहले वह इधर-उधर झांकता है। इसके बाद बाहर निकल जाता है। लगभग 11.30 बजे फिर वह वापस फीमेल वार्ड में आता है। फीमेल वार्ड में आने के बाद सुबह 4 बजे निकल जाता है। पीड़िता दोपहर लगभग 11. 50 बजे पर एक वृद्धा के साथ बाहर आती है और फिर वार्ड में चली जाती है।

खबरों के अनुसार पुलिसिया जांच शुरू होने और जांच में निरंतर खुलासे होने के बाद अस्पताल के पदाधिकारी अपने को बचाने में लग गए हैं। पुलिस ने नर्स और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की है। एमजीएम अधीक्षक की तीन सदस्यीय कमेटी में डॉक्टर आरवाई चौधरी, डॉक्टर ललित मिंज, डॉक्टर नारायण उरांव शामिल हैं।

इधर अधीक्षक डॉक्टर संजय कुमार का कहना है कि छह मार्च को जानकारी मिली थी। कर्मचारियों ने पूछताछ में घटना से इनकार किया था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि बुजुर्ग महिला के साथ दुष्कर्म हुआ था।

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि अब तक की जांच के आधार पर पुलिस ने एक संदिग्ध की पहचान कर ली है ।उसकी गिरफ्तारी का प्रयास जारी है। साथ ही उन्होंने कहा शो कॉ नोटिस का जवाब मिलने पर अधीक्षक की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।

दूसरी ओर विधानसभा में मामले को संदिग्ध बता चुके स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा महिला के साथ दुष्कर्म हुआ या नहीं, इसकी जांच के लिए एसआईटी टीम कर रही है। अस्पताल प्रबंधन ने इस तरह की घटना के प्रति जो संवेदनहीनता दिखाई है, वह अपराध की श्रेणी में आता है। एेसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से प्रदेश में कुपोषण व एनिमिया जैसी बीमारी से निपटने की फुलप्रूफ प्लान बनाया जा रहा है। एेसे में मां, बहनों की इज्जत लूटने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, मामले में अधिकारियों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले में जो भी संलिप्त हैं, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ मामले दर्ज किए जाएंगे।

बन्ना गुप्ता स्वास्थ्य मंत्री के लायक नहीं : भाजपा महानगर अध्यक्ष

बन्ना गुप्ता झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री के ‘लायक ’ नहीं है। यह कहना है जमशेदपुर महानगर के भाजपा अध्यक्ष दिनेश कुमार का। महानगर अध्यक्ष नें शुक्रवार को पत्रकार सम्मेलन में यह बात कहीं। अध्यक्ष ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर बन्ना गुुप्ता का डेढ़ माह का कार्यकाल निराशाजनक रहा है। मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।

वहीं अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. नकुल चौधरी का कहना है कि पुलिस जांच में हर संभव सहयोग किया गया है। दोषियों की पहचान से लेकर पीड़िता के स्वास्थ्य की जांच भी की गई। हमने अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाई। कोताही नहीं बरती गई और नहीं प्रबंधन की कोई मिलीभगत है।

अधीक्षक बोले : विभागाध्यक्ष ने महिला को छुट्टी दी थी

एमजीएम अधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने कहा है कि मामले की उन्होंने पूरी छानबीन की थी। होमगार्ड से भी रिपोर्ट ली गई थी। सभी ने घटना से इनकार किया था। महिला को जबरन छुट्टी नहीं दी गई थी। मेडिसिन डिपार्टमेंट के विभागाध्यक्ष डॉ. बलराम झा ने छुट्टी दी थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़िता ने बताया कि व 21 जनवरी को जोजोबेड़ा रेलवे फाटक होते हुए बाजार की तरफ जा रही थी। तभी बाइक ने धक्का मारा। सिर व हाथ में चोट अाई। स्कूल के बच्चों ने टेंपो से उतरकर मुझे उठाया। पानी और चाय पिलाई। इसके बाद दो अंजान युवक अाए। एमजीएम में भर्ती कराया। कुछ दिनों तक सर्जिकल वार्ड में इलाज चला। मेरा कोई नहीं होने पर चार तल्ला मेडिसिन वार्ड के बेड नंबर 62 में ले जाया गया। जहां 5 मार्च तक इलाज चल रहा था। उस रात मैं अपने बेड पर सोई थी। रात 12 बजे शराब के नशे में एक व्यक्ति वार्ड में घुसा। पड़ोस की बेड पर बैठी नीतू से उसने कुछ बातचीत की। फिर मेरे बेड पर अाकर दुष्कर्म करने लगा। मैंने विरोध किया तो उसने पीटा। जिसमे मेरा चश्मा गिर गया। एक अांख से दिखाई नहीं देता।दुष्कर्म करने वाले को मैं पहचान नहीं सकी। उसने दरवाजा की कुंडी लगाकर मेरे साथ गलत काम किया और सुबह चार बजे वहां से गया। मेरे बेड के बगल में बिरसानगर जोन नंबर सात में रहने वाली नीतू और पोटका की लक्ष्मी का इलाज चल रहा था। घटना नीतू और लक्ष्मी के सामने हुई। दोनों ने न विरोध किया और न शोर मचाया। दूसरे दिन यानि 6 मार्च को सुबह छह बजे नीतू मुझे ही गाली देने लगी। जिसके बाद नर्स अाई। मैंने घटना की जानकारी नर्स को दी। कुछ देरी बाद वार्ड में हल्ला हो गया। इसके बाद नर्स व सफाई कर्मचारी अाए। मुझे अस्पताल से छुट्टी होने की जानकारी दी। मैंने डिस्चार्ज पेपर मांगे। इस पर हेड नर्स ने कहा कि तुम खाना खाओ, पेपर तैयार हो रहा है। दोपहर का खाना खाने के तुरंत बाद मुझे एक नर्स व सफाई कर्मचारी जबरन नीचे ले अाए। छुट्टी होने की बात कहते हुए अस्पताल गेट के बाहर ले अाए। टेंपो पर बैठाया और वहां से साकची बस स्टैंड पर ले गए। वहां बस पर यह कहते हुए चढ़ाया कि तुम बस पर नहीं चढ़ पाओगी। एक सफाई कर्मचारी ने मुझे 30 रुपए दिए। मैं किसी तरह से भटकते हुए अपने घर पहुंची। कुछ दिनों बाद पुलिस अाई और मुझे साथ ले गई। मैंने पुलिस को भी डिस्चार्ज पेपर दिलवाने को कहा, लेकिन अाजतक नहीं मिला।पुलिस सौतेली बेटी के घर पर निगरानी में रखा है। बेटी मुझे रखना नहीं चाहती। बेटी का कहना है कि मैं जब छह-सात साल की थी, तभी मेरे पिता (पीड़िता के पहले पति) की मौत हो गई थी। मेरे एक भाई की मौत हो चुकी है। दूसरा भाई चेन्नई में काम करता है। मेरे पति भी सौतेली मां को रखना नहीं चाहते। पुलिस जबरन रखकर गई। मैंने अाइओ महिला पदाधिकारी को वापस ले जाने के लिए कह दिया है।

इधर पुलिस ने मामले में वार्ड में मौजूद चश्मदीद गवाह नीतू बिरसानगर जोन नंबर सात उसके घर जा धमकी लेकिन वह नहीं मिली। साकची थानेदार कुणाल कुमार ने नीतू के परिवार वालों से संपर्क कर उसे हाजिर कराने का निर्देश दिया है। शुक्रवार को एमजीएम का फुटेज खंगाला और मेडिसिन वार्ड की नर्स व कर्मियों से दुष्कर्म मामले में पूछताछ की। नीतू के गिरफ्तारी के बाद ही रहस्य से पर्दा उठ जाएगा। पुलिस को आशंका है कि नीतू आरोपी को पहचानती है। सीसीटीवी फुटेज में मौजूद लाल रंग की चेकदार शर्ट पहने व लड़खड़ाते व्यक्ति की खोज में पुलिस ने कई जगहों पर छापामारी की है लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है।