कांके लॉ कॉलेज छात्रा दुष्कर्म मामले में आज दर्ज होगा आरोपियों का बयान

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रांची : राजधानी रांची के कांके में लॉ छात्रा से हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में आज बुधवार को आरोपितों का 313 के तहत बयान दर्ज किया जाएगा। इस दौरान जेल में बंद सभी 12 आरोपितों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए न्याय आयुक्त नवनीत कुमार की अदालत में पेश किया जाएगा।

मालूम हो कि बीते 26 नवंबर 2019 को कांके के संग्रामपुर गांव में सभी 12 आरोपितों ने लॉ छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। दूसरे दिन प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 21 लोगों की गवाही दर्ज कराई जा चुकी है।

आराेपियों के खिलाफ 3 तरह के साक्ष्य

आरोप गठन की बिंदू पर सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक ने कोर्ट को बताया कि मामले से जुड़ी केस डायरी में जांच पदाधिकारी ने आरोपियों के खिलाफ मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्य के साथ-साथ वैज्ञानिक साक्ष्य भी उपलब्ध कराया है। उन्होंने कहा कि अभिलेख पर विधि विज्ञान प्रयोगशाला का प्रतिवेदन और मोबाइल फोन का सीडीआर उपलब्ध है। इसके अलावा अभिलेख पर पीड़िता और आरोपियों के ब्लड सैंपल से प्राप्त डीएनए रिपोर्ट है।

12 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट ने आरोप तय किया

कांके के संग्रामपुर से सटे बनहरा गांव के सुनसान जगह पर ले जाकर लॉ की छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के जुर्म में 12 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट ने आरोप तय कर दिया है। सभी आरोपियों ने जवाब देते हुए कहा कि इस मामले में इन लोगों को फंसाया गया है। सभी निर्दोष हैं। सभी आरोपियों ने मामले में सुनवाई की मांग की है। कोर्ट ने मामले के लोक अभियोजक अनिल कुमार सिंह को निर्देश दिया है कि मामले से जुड़े सभी 30 गवाहों का बयान अतिशीघ्र कोर्ट में दर्ज कराएं।

घटना निर्भया कांड से मिलती-जुलती

उन्होंने बहस के दौरान कोर्ट को बताया कि आरोपियों की डीएनए रिपोर्ट से सामूहिक दुष्कर्म की घटना की पुष्टि होती है। उन्होंने उपलब्ध साक्ष्यों का जिक्र करते हुए कोर्ट को यह भी बताया कि सामूहिक दुष्कर्म का घटनाक्रम दिल्ली में हुए निर्भया कांड के घटनाक्रम से बिल्कुल मिलती-जुलती है। दोनों घटनाक्रम में अंतर सिर्फ इतना है की वर्तमान मामले में पीड़िता की जान सुरक्षित है और दिल्ली मामले में पीड़िता को निर्दयता पूर्वक हत्या कर दी गई थी।

चार्जशीट में जांच पदाधिकारी ने साक्ष्य के रूप में अंकित किए हैं कुल 28 गवाह

सोमवार को सुनवाई के दौरान सभी 12 आरोपियों की वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया। मामले के आठ आरोपियों ने निजी खर्च पर ईश्वर दयाल को अधिवक्ता के रूप में रखा है। जबकि, चार आरोपियों ने सरकारी खर्च पर विनोद कुमार सिंह को अपना अधिवक्ता रखा है। सभी 12 आरोपी 28 नवंबर 2019 से जेल में है। आईओ ने जांच की कार्रवाई पूरी कर मात्र 24 दिनों के भीतर 20 दिसंबर 2019 को सबूत के साथ चार्जशीट दाखिल कर दी। चार्जशीट में आईओ ने कुल 28 गवाहों के नाम अंकित किए हैं। इसके अलावा भी कुछ अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे।