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किशोर की मौत के बाद, परिजनों और जूनियर डॉक्टरों में झड़प, हड़ताल

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पटना: नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के शिशु रोग विभाग आपातकालीन कक्ष में भर्ती किशोर की मौत के बाद नाराज परिजनों ने हंगामा किया. परिजनों ने किशोर की इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए विभागाध्यक्ष के कक्ष में तोड़फोड़ की और इमरजेंसी में रखे कुछ आवश्यक कागजात फाड़ दिए. इसी दौरान परिजनों और जूनियर डॉक्टरों में झड़प हो गई

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घटना की सूचना मौके पर पहुंची आलमगंज सहित मिनट कटी बिजली ने ली किशोर की जानकई थानों की पुलिस ने मामले को शांत कराया. एक और परिजन का आरोप लगा रहे हैं कि किशोर की इलाज में लापरवाही हुई है जिसके कारण उसकी मौत हो गई दूसरी ओर जूनियर डॉक्टरों का आरोप है कि परिजनों ने उनसे मारपीट की और उनके मोबाइल व चेन भी छीन लिये. साथ ही घटना से आक्रोशित जूनियर डॉक्टर कार्य बहिष्कार करते हुए नौ सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं
सूत्रों से मिली जानकारी इस मामले में दोनों पक्षों ने आलमगंज पुलिस को अलग-अलग आवेदन दिया है खबरों के मुताबिक खुसरूपुर निवासी हृदय सिंह के 13 वर्षीय डेंगू पीड़ित पुत्र रजनीश को परिजनों ने 10 नवंबर को डॉ सुनील कुमार की यूनिट में भर्ती कराया था. विभागाध्यक्ष डॉ विनोद कुमार सिंह का कहना है कि मरीज डेंगू शाक्स सिड्रोम से पीड़ित था. मरीज की स्थिति गंभीर थी उसे वेंटीलेटर पर रखा गया था लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. उपचार में किसी तरह की लापरवाही नहीं की गई है. दोपहर लगभग ढाई बजे उपचार के दौरान रजनीश की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा. पिता हृदय सिंह व रिश्तेदार रिंकू देवी का आरोप है कि इलाज में चिकित्सकों ने लापरवाही बरती है. इधर हंगामे के दौरान कॉलेज प्राचार्य डॉ विजय कुमार गुप्ता, अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक सह उपाधीक्षक डॉ गोपाल कृष्ण पहुंचे. प्रभारी अधीक्षक ने कहा कि विभागाध्यक्षों के साथ बैठक इमरजेंसी व वार्ड में भर्ती मरीजों की देखरेख सीनियर डॉक्टर कर रहे हैं

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जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. रवि रंजन कुमार रमण ने बताया कि शिशु रोग विभाग में कार्यरत डॉ. धर्मेंद्र कुमार व डॉ. जय किशोर के साथ मारपीट की गई है। आक्रोशित लोगों ने डॉ. जय कुमार का मोबाइल व चेन छीन लिया है। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया कि घटना के बाद जूनियर डॉक्टर कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर चले गए हैं। जूनियर डॉक्टरों ने लापरवाही के लिए अधीक्षक व विभागाध्यक्ष को जिम्मेवार ठहराते हुए इस्तीफा की मांग किए है। उन्होंने तैनात सुरक्षाकर्मियों को अविलंब हटाने का मांग किया है्एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि रंजन कुमार रमण व सचिव राहुल शेखर ने बताया कि शिशु रोग विभाग के विभागाध्यक्ष व अस्पताल अधीक्षक इस्तीफा दें.अस्पताल में तैनात सुरक्षा कार्ड की कंपनी को हटा कर प्रभावी एजेंसी को सौंपा जाये, सीसीटीवी कैमरे लगें, सिक्योरिटी अलार्म सिस्टम, सायरन दुरुस्त हाे. खराब पड़े उपकरण सही करें व जीवन रक्षक दवा उपलब्ध करायी जाए. डॉक्टर पर हमला करने वाले को मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कार्रवाई हो

20 मिनट कटी बिजली ने ली किशोर की जान

खबरों के मुताबिक हंगामे के दौरान जूनियर डॉक्टरों ने अस्पताल के गार्ड के साथ मिल कर मरीज के परिजनों से भी मारपीट की. मरीजों ने बताया कि बिजली कटने के बाद मरीज के पिता व परिवार के लोग नर्स व डॉक्टर के पास जेनेरेटर चालू कराने को दौड़ लगा रहे थे. लेकिन, किसी ने नहीं सुनी, लगभग बीस मिनट से अधिक समय तक बिजली गुल होने से यह स्थिति बनी. इस तथ्य को जूनियर डॉक्टरों ने भी स्वीकार करते हुए कहा कि बिजली गुल होने पर बैकअप नहीं रहने से वेंटिलेटर बंद हो गया था. जिससे किशोर की मौत हो गई.

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