केवल नाम का ही लगा है लॉक डाउन या हो रहा है इसका अनुपालन।

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संवाददाता- विवेक चौबे

गढ़वा :- यह खबर थोड़ी झकझोर कर रख देने वाली तो है ही, चुकी वर्तमान समय मनुष्य प्राणी के लिए ठीक नहीं चल रहा है। आइए, हम कुछ सच्चाई को उजागर करते हैं इस खबर के जरिए, जहां प्रशासन व पदाधिकारी सभी अपना वाह-वाही करने में ही जुटे हैं। कोरोना विश्वव्यापी महामारी को देखते हुए सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के रूप में लॉक डाउन लगाया गया है, किन्तु न ही यहां लोगों द्वारा लॉक डाउन का पालन किया जा रहा है, न ही प्रशासन व पदाधिकारी सख्ती से पालन करा पा रहे हैं। हालाकि प्रतिदिन लौडस्पीकर से प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।

लगातार लोगों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है। फिर भी लॉक डाउन का पालन सख्ती से नहीं किया जा रहा है। खबर है, जिले के कांडी थाना क्षेत्र के गरदाहा बाजार की। यह बाजार शनिवार को पहले की तरह ही लगा, जहां सैकड़ों लोगों की भीड़ रही। यहां न ही सामाजिक दूरी का पालन किया गया, न ही कोई मास्क लगाया था। इस खबर से शासन प्रशासन सब के सब बेखबर रहे। लॉक डाउन का कोई असर यहां नहीं दिखा। शासन प्रशासन द्वारा 2 बजे के बाद बंद कि घोषणा का नहीं है असर।

चौकीदार के मना करने के बाद दुकानदार कुछ समय के लिए हट गए थे, लेकिन चौकीदार के जाते ही पूर्णतः बाजार सज गयी। बल्कि यों कहें कि यहां सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन व लॉक डाउन की धज्जियां उड़ाई जा रही है। केवल इतना ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में धड़ल्ले से सभी प्रकार की दुकानें चल रही हैं। किराना दुकान, छड़-सीमेंट की दुकानें, सृंगार स्टोर, कपड़ा दुकान के सभी दुकानदार निर्भीक होकर चला रहे हैं। हरिगावां, खुटहेरिया, घटहुआँ कला, गोसांग सहित अन्य कई गांवों में रात 8 बजे तक दुकानें चल रही हैं।

दुकानदारों को जारी गाइड लाइन, निर्देशों व निर्धारित समय से कोई लेना देना नहीं है। गांव-देहात में प्रचार-प्रसार से लोग नहीं हो रहे हैं जागरूक। इसके बदले कार्यवाई की है आवश्यकता। इस प्रकार लॉक डाउन का पालन नहीं होने से संक्रमण बड़ी तेजी से फैलने का पूर्ण संभावना है।