कोरोना पीड़ितों के लिए जमशेदपुर से भी रेलवे ट्रैकों पर चलेंगी लाइफलाइन ऑक्सीजन एक्सप्रेस, देखें वीडियो

0

एजेंसी:कोविड-19 की दूसरी लहर से पूरे देश और दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है। इसी बीच विभिन्न मीडिया से आ रही खबरों के मुताबिक कोविड-19 अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी होने के चलते लोगों की जान जाने की खबरें आ रही हैं। कहीं बैठे वेंटीलेटर धूल फांक रहे हैं कहीं उसको चलाने वाला उपलब्ध नहीं है। सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर कटाक्ष और तीखी आलोचना हो रही है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश के अस्पतालों तक लाइफलाइन ऑक्सीजन ट्रेनों के माध्यम से भेजने की योजना पर जोर शोर से लग गई है। इसके लिए विभिन्न शहरों में सड़क मार्ग से टैंकर आएंगे और उसमें ऑक्सीजन भरकर फिर उसे ट्रेनों पर लादकर पूरे देश भर के अस्पतालों को मुहैया कराया जाएगा।

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर कहा है कि ट्रेनों से देशभर में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन और ऑक्सीजन सिलेंडर आपूर्ति करने के लिए जल्द ही ट्रेनें चलाई जाएंगी।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार ने रेलवे से लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन का ट्रांसपोर्ट करने की संभावनाओं पर विचार करने को कहा था। इसके बाद रेलवे ने लिक्विड ऑक्सीजन के ट्रांसपोर्टेशन की तकनीकी दिक्कतों के बारे में पता लगाया। सारी चीजें तय होने के बाद फैसला लिया गया कि मालगाड़ी की खाली बोगियों पर ऑक्सीजन टैंकर भेजे जाएंगे। मुंबई के बोइसर में रविवार को इसका ट्रायल किया गया। यहां एक भरे हुए टैंकर फ्लैट वैगन पर लोड करके देखा गया।

इस संबंध में 17 अप्रैल को रेलवे बोर्ड के अधिकारियों, स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर्स और इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों की बैठक में जोनल रेलवे को निर्देश दिए गए कि ट्रेलर मंगाने और उन्हें वापस लोड करने में तेजी दिखाई जाए। इसके लिए विजाग, अंगुल और भिलाई में रैंप किए जाएंगे। मुंबई के कालांबोली में बने रैंप को और मजबूत बनाया जाएगा।

अधिकारियों के मुताबिक महाराष्ट्र से ऑक्सीजन लेने के लिए 10 खाली टैंकर सोमवार को विशाखापट्टनम, विजाग, जमशेदपुर, राउरकेला और बोकारो भेजे जाएंगे। जिसके बाद जल्द ही ऑक्सीजन एक्सप्रेस शुरू होने की संभावना है। इस काम को अविलंब पूरा करने के लिए ग्रीन कॉरिडोर भी बनाया जा रहा है।