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क्या इस बार भी बाबूलाल मरांडी को रह जाएगा चुनाव जीतने का मलाल या..

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जमशेदपुर: ( रिपोर्ट सतीश सिन्हा की) गिरिडीह जिले के धनवार विधानसभा क्षेत्र पर पूरे झारखंड की जनता व राजनीतिक धुरंधरों की निगाहें है। जहां से पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड विकास मोर्चा सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी खड़े हैं और लोग झारखंड के पहले मुख्यमंत्री रह चुके बाबूलाल मरांडी पिछले लोकसभा का चुनाव हो या विधानसभा का चुनाव हो दोनों में फेलियर हो गए थे। मतलब साफ है कि विधानसभा चुनाव और फिर लोकसभा चुनाव में हार के बाद एक बार फिर अपनी खोयी प्रतिष्ठा और राजनीतिक जमीन यहां से तलाशने के लिए ठीक उसी तरह बेचैन हैं जिस तरह झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो भी……..

बुरा ना मानना दोस्तों इसके आगे की खबर पहले हमने हमारे वेबसाइट परविस चुनाव के तीसरे चरण के मतदान के पूर्व किस पार्टी के हाथ पांव फूले….. शीर्षक से वेबसाइटwww.jharkhandvarta.com पर चला दिया है यदि हड़बड़ी है या ज्यादा ही जिज्ञासा है तो वेबसाइट पर देख सकते हैं वरना मैं तो बताऊंगा ही।

दोस्तों तो अब हम फिर से उस समाचार की गहराइयों में जाते हैं जो पहले हम चल रहे थे में आगे बताते हैं कि

बाबूलाल मरांडी दुमका और कोडरमा से पांच बार सासंद चुने गए हैं लेकिन पिछले कई सालों से वह संसद और विधानसभा नहीं पहुंच पाए हैं। ऐसे में यह विधानसभा चुनाव उनके राजनीतिक करियर की दशा और दिशा दोनों तय करेगी। क्योंकि यहां भी वही स्थिति है सुदेश महतो जैसे अकेले दम पर चुनाव लड़ रहे हैं उसी प्रकार बाबूलाल मरांडी भी झारखंड में अकेले दम पर चुनाव लड़ रहे हैं । वैसे गौरतलब है कि साल 2014 के विधानसभा चुनाव में भाकपा माले के राजकुमार यादव ने बाबूलाल मरांडी को लगभग दस हजार से वोटों से हराकर उनके विधानसभा पहुंचने के मनसा पर कुठाराघात कर दिया था। इसके अलावा एक बार राजकुमार यादव समेत कई अन्य दिग्गज खदानों के लिए उनके राह में डटे हुए हैं । वहीं दूसरी ओर खबरों के मुताबिक पिछले विधानसभा चुनाव में करीब 31 हजार मत लाकर तीसरे नंबर पर रहने वाले भारतीय पुलिस सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी भाजपा से लक्ष्मण प्रसाद सिंह बाबूलाल मरांडी के लिए भारी सिरदर्द बने हुए हैं।

और ख्वाब भी देख रहे हैं लक्ष्मण प्रसाद क्या ख्वाब देख रहे हैं देखिए सुनिए………

वहीं दूसरी ओर लक्ष्मण प्रसाद सिंह विकास और प्रधानमंत्री के नाम के सहारे हैं लेकिन उलटने पलटने का ख्वाब संजोए बैठे हुए हैं।बहरहाल वैसे भी यह चुनाव सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों पहले झारखंड में इम्तिहान है। वहीं इस इम्तिहान में देखना है बाबूलाल को रहेगा मलाल या जीत कर फिर ताल……. चुनाव से संबंधित और अन्य खबरों को भी पढ़ने के लिए झारखंड वार्ता डॉट कॉम पर जाएं अपनी प्रतिक्रिया भी हमें दें ।हमारा व्हाट्सएप नंबर अगला एपिसोड में आपको जारी किया जाएगा ढूंढोगे तो मिल जाएगा ढूंढोगे तो मिल जाएगा।……. मिलते हैं ब्रेक के बाद जाइएगा मत फिर से आपकी सेवा में हाजिर होंगे नमस्कार मैं सतीश सिन्हा रिपोर्टर झारखंड वार्ता आपको आलेख कैसा लगा उस पर प्रतिक्रिया कृपया देने का कष्ट करेंगे। मिलते हैं अगले खबर के साथ……

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