खरमास में सीएम, स्पीकर और विधायक… शपथ ले सकते हैं लेकिन विपक्ष प्रतिपक्ष का नेता नहीं चुन सकता

0

जमशेदपुर : (रिपोर्ट- सतीश सिन्हा की) झारखंड में पूर्व में विपक्ष में रहे महागठबंधन के नेता हेमंत सोरेन ने खरमास के मास मे सरकार बना लिया है वहीं विधायक स्पीकर चाहे वह विपक्ष का हो या सरकार का शपथ ले चुके हैं और उसके सरकार बनाए हुए 1 सप्ताह बीत चुके हैं लेकिन फिलहाल विपक्ष बनी पहले की सत्तारूढ़ सरकार को अब तक प्रतिपक्ष में बैठने के लिए नेता नहीं मिल रहा है इस बात की चर्चा जोरों पर है भाड़े पर प्रतिपक्ष के नेता आने वाले हैं वह भी खरमास के चलते रुके हुए हैं! ऐसे में यह चर्चा भी लाजिमी है कि चुनाव के पहले भी किराए में प्रत्याशी एक दल से दूसरे दल में गए थे और आए थे। वैसे ही प्रतिपक्ष के नेता भी आने वाले हैं इंतजार करिए! ऐसा मैं नहीं खुद भाजपाई मीडिया में बोल रहे हैं….

विधानसभा में रघुवर दास की कमी खल रही है

खबरों के मुताबिक विधानसभा में विपक्षी दल के नेता की सीट खाली रही और जिज्ञासा कायम रही और चर्चा यह रही और खली भी की आखिर प्रतिपक्ष का नेता अब तक क्यों नहीं चुना गया। जबकि महागठबंधन अपने दल बल के साथ पूरे दमखम के साथ इस खरमास में ही ताल ठोक रहा था। कुछ भी हो ऐसे में नेताओं में भी यह चर्चा आम है कि एक ओर हारे भाजपाई कार्यकर्ताओं का मनोबल और भी टूटेगा। वहीं शपथ ग्रहण समारोह में विपक्ष का नेतृत्व करनेवाला कोई नहीं दिखा तो मीडिया वालों ने विधानसभा में शपथ लेकर निकलनेवाले भाजपा के तेज विधायकों से पूछ ही लिया नेता प्रतिपक्ष कौन और कब तक! इस पर भाजपा के नेताओं ने एक ही सुर में पूरे अनुशासन के साथ खरमास की बात कही और चूड़ा-दही तक इंतजार करने का आग्रह कर निकल लिए।वहीं कांके विधायक की दिल की बात छलक ही गई और कहा कि विधानसभा में रघुवर दास की कमी खल रही है।

इसी बीच पत्रकारों को प्रखर प्रवक्ता सरयू राय दिख गए और पत्रकारों ने जब उनसे प्रतिपक्ष के नेता नहीं होने पर पूछ ही लिया तो सरयू राय ने व्यंगात्मक लहजे में कहा कि अगर विधायक शपथ ले सकते हैं तो नेता प्रतिपक्ष का चयन क्यों नहीं हो सकता! इसके अलावा यह भी डायलॉग सुना दिया कि हिंदू धर्म में खरमास में भी कई काम होते रहे हैं और इसके लिए धर्म में उपाय भी हैं। नेता प्रतिपक्ष के नहीं होने से सदन में खालीपन का एहसास हुआ।