खूंटी में 10-12 लड़कों द्वारा बंदी बना कर नाबालिक से 25-30 बार सामूहिक दुष्कर्म मामले में कारवाई सुरु

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खूंटी : जिले में हैवानियत की एक ऐसी घटना सामने आई है जिसे जान कर आपकी रूह सहम जाएगी। 15 वर्षीय एक नाबालिग लड़की के साथ तीस बार से अधिक सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया है।

मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता एक दिन समाज सेवी खुशबू से मिली तो खुशबू जी को उसकी मानसिक परिस्थिति ठीक नहीं लगी। उन्होंने जब पीड़िता को भरोसा दिलाते हुए मामले को जानने का कोशिश किया तो उनके होस उड़ गई। पीड़िता ने बताया कि 10-12 लड़कों ने उसे बंदी बना कर तीन महीने में 25-30 बार दुष्कर्म किया है।

मुख्यमंत्री ने दिए अतिशीघ्र करवाई के आदेश

मामले का खुलासा होने पर खुशबू ने अपने ट्विटर के जरिये इस मामले को मुख्यमंत्री को टैग किया। इस मामले के प्रकाश में आने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को ट्वीट कर पारा लीगल वलेंटियर खुशबू को धन्यवाद देते हुए लिखा, इस बेटी की मदद करने के लिए धन्यवाद खुशबू जी। उपायुक्त, खूंटी उचित कार्रवाई कर बिटिया को मेडिकल, काउंसलिंग तथा न्यायिक मदद पहुंचवाकर सूचित करें। खूंटी पुलिस कठोर कार्रवाई के लिए बचे हुए आरोपियों की शीघ्र धरपकड़ कर सूचित करें।

मोबाइल छीन लिया और वापस मांगने पर….

24 फरवरी को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की पारा लीगल वलेंटियर खुशबू खातून ने पीड़िता को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सामने पेश किया, जिसके बाद यह मामला प्रकाश में आया। खूंटी के चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (सीडबल्यूसी) दिए बयान के मुताबिक, घटना की तारीख उसे याद नहीं है। पीड़िता जब खूंटी बाजार गई थी, तभी बगडू के रहने वाले बजरंग नाम के लड़के से बातचीत हुई और फिर दोनों में दोस्ती हो गई। उसके साथ उसका मित्र सूरज भी था। बातचीत के बाद दोनों उसे बाइक पर बिठाकर सिंबुकेल गांव लेकर गए और दोनों ने हड़िया (एक प्रकार का नशीला पेय पदार्थ) पी और उसका मोबाइल ले लिया। बाद में उसे बाजार लाकर छोड़ दिया।

जब भी पीड़िता बजरंग को फोनकर अपना मोबाइल वापस मांगती, तो वह उसे बुलाकर किसी सुनसान जगह पर ले जाता और दुष्कर्म करता। हर बार उसके साथ कई और लड़के रहते थे। विरोध करने पर वे जान से मारने की धमकी देते थे। यह सिलसिला तीन महीने तक चलता रहा।

इस घटना के मामले में अब सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की आस लोगों में जगी है। इस मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खूंटी जिला प्रशासन को पीड़िता का काउंसलिंग कराने के निर्देश दिए हैं। इधर खशबू की मदद से पीड़िता को आश्रय गृह सहयोग विलेज में रखा गया है।