गजराजों ने एक वृद्ध महिला जो महुआ चुनने और पत्ता तोड़ने जंगल गई उसे कुचल डाला

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बड़कागांव(हजारीबाग) : प्रखंड के डाडी चेपा कलां क्षेत्र के जंगलों में पिछले चार दिनों से डेरा जमाए गजराजों ने एक वृद्ध महिला की जान ले ली। घटना चेपाकला के लमकी तरी गरका साले जंगल की है। वृद्ध महिला चेपा कला गांव के मसोमात बांधनी देवी है और वह महुआ चुनने और दतवन तोड़ने जंगल गयी थी। घटना शनिवार की है, रविवार को जंगल में उसका शव मिला। पुत्र अमेरिका भुइयां की सूचना पर पहुंचे ग्रामीणों ने इसकी सूचना थाना और वन विभाग को दी। सूचना बड़कागांव रेंजर उदय चंद्र झा एवं डाडी कला थाना प्रभारी मणिलाल सिंह जंगल पहुंचकर शव को अपने कब्जे में ले पोस्टमार्टम के लिए हजारीबाग भेज दिया। रेंजर श्री झा ने तत्काल परिजनों को अग्नि संस्कार के लिए 20 हजार रुपए परिजनों को दिए है। रेंजर ने बताया कि सरकारी प्रावधान के तहत अनुशंसा के बाद और मुआवजा दी जाएगी।

रेंजर उदय चंद्र झा ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि हाथियों को छेड़छाड़ करने की आवश्यकता नहीं है। वह धीरे-धीरे इस जंगल से प्रस्थान कर जाएंगे। उन्होंने बताया कि बड़कागांव क्षेत्र में यह झुंड कई सप्ताह से है यह पहली घटना है कि इस झुंड से किसी की जान गई है। पुलिस को चेपा कला पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि शंकर राम, लक्ष्मण महतो, शिशुपाल, मंटू कुमार, सुनील महतो, रमेश सिंह, अकुलु भुइयां, राजेंद्र भुइयां, सुरेश साव, संजय राम आदि ने मदद की।

जब शनिवार देर रात वृद्ध महिला घर वापस नहीं लौटी तो परिजन चितित हो गए। किसी तरह रात बिताया और मां को खोजने पुत्र अमेरिका भुइयां जंगल चला गय। इसी दौरान तो पुत्र ने देखा कि उसकी मां का शव लमकी तरी गरका साले जंगल में पड़ा है और बूरी तरह कुचला हुआ मिला। इसी जंगल में हाथी पिछले चार दिनों से डेरा जमाए हुए है। आनन-फानन में गांव में आकर हो-हल्ला किया। ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 20 हाथियों का झुंड इस जंगल में विगत चार-पांच दिनों से डेरा जमाए हुए हैं। अबतक इनके द्वारा किसान लाल देव महतो का 20 कट्ठा खेत में लगा टमाटर प्याज एवं हरी सब्जी, नष्ट कर दी ।वहीं कई अन्य ग्रामीणों को भी फसल का नुकसान कर दिया।