चुनाव आयोग द्वारा बाबूलाल मरांडी के जेवीएम का भाजपा में विलय की स्वीकृति का चौतरफा साइड इफेक्ट, बंधु तिर्की बोले हम लोगों का…..

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रांची: पिछले माह से चले आ रहे असली जेवीएम और नकली जेवीएम विवाद का पटाक्षेप आज केंद्रीय निर्वाचन आयुक्त ने यह कह कर कर दिया कि झारखंड विकास मोर्चा बाबूलाल मरांडी का विलय जो भारतीय जनता पार्टी में हुआ है वही सही माना जाएगा जबकि दूसरा धड़ा विधायक प्रदीप यादव और बंधु तिर्की जो जेवीएम से कांग्रेस पार्टी में विलय किए हुए हैं उनको चुनाव आयोग ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण झारखंड विकास मोर्चा से निष्कासित माना है। जिससे कि अब इनके झाविमो को चुनाव आयोग के निर्देशानुसार कांग्रेस में विलय को अयोग्य माना जाएगा। इस तरह एक ओर कहा जाए तो इसके चौतरफा साइड इफेक्ट हुए हैं जैसे कि पहला प्रतिपक्ष के नेता के लिए बाबूलाल को लेकर भाजपा का मनोबल बढ़ा, दूसरा बंधु तिर्की और प्रदीप यादव को लगा झटका तीसरा साइड इफेक्ट कांग्रेस पर हुआ जो बंधु तिर्की और प्रदीप यादव को हथियार बनाकर भाजपा पर निशाना साध रही थी, वही चौथी साइड इफेक्ट सीधा सीधा बाबूलाल पर भी हुआ है जो जेबीएम से पुनः भाजपा में आकर प्रतिपक्ष का नेता बनने के लिए कड़ी इंतिहान दे रहे थे।

खबरों के अनुसार चुनाव आयोग के इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए बंधु तिर्की ने बाबूलाल मरांडी को इसके लिए बधाई तो दे दी लेकिन यह पूछ डाला कि लेकिन कहा हम लोगों का क्या हुआ?

झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के भारतीय जनता पार्टी में विलय को शुक्रवार को चुनाव आयोग ने इस बाबत शुक्रवार को अधिकृत पत्र भी जारी करते हुए झारखंड चुनाव आयोग को भी इस बाबत सूचित कर दिया है। साथ ही आयोग ने झाविमो के अस्तित्व को समाप्त करार देते हुए पार्टी के चुनाव चिह्न कंघी को सीज कर दिया। चुनाव आयोग ने 14 फरवरी को झाविमो प्रमुख बाबूलाल मरांडी ने उस पत्र को आधार बनाकर फैसला सुनाया कि जिसमें बाबूलाल मरांडी के द्वारा सूचित किया गया था कि संगठन का विलय भाजपा में कर दिया गया है। साथ ही आयोग ने यह भी जानकारी दी कि झाविमो के दो विधायक प्रदीप यादव और बंधु तिर्की पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण पार्टी से निष्कासित कर दिए गए है।

इधर दूसरी ओर पिछले कई दिनों से झाविमो से भारतीय जनता पार्टी में आए बाबूलाल मरांडी को प्रतिपक्ष का नेता बनाए जाने की मांग को लेकर विधानसभा में हंगामा कर रहे भारतीय जनता पार्टी के विधायकों का मनोबल अब बढ़ गया है और वे चुनाव आयोग की मंजूरी को आधार बना भाजपा, विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो पर बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष बनाने को लेकर दबाव बनाएगी। इसके संकेत भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश के नवनिर्वाचित अध्यक्ष दीपक प्रकाश भी दे चुके हैं जिससे आज विधानसभा में जोरदार हंगामा होने की संभावना है।