चैलेंज हो तो ऐसा, रांची के इस युवती का प्रयास सराहनीय

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वार्ता स्पेशल : जब भी हम इतिहास के पन्नों को उलट कर देखेंगे तब तब हमेशा हमे महिला का योगदान दुनिया के हर मुसीबत के समय मे देखने को मिलता रहा है। चाहे आज़ादी की लड़ाई में प्रत्यक्ष रूप से रानी लक्ष्मी बाई की हो या अप्रत्यक्ष रूप से जीजा बाई से लेके कस्तूरबा गाँधी जैसे महिलाओं की अहम् भूमिका रही है।

अभी के समय में देश कोरोना जेसी वैश्विक महामारी से जूझ रहा हैं। अमेरिका फ्रांस इटली जैसे शक्ती साली देशों ने हाथ खड़े कर दिए वहां भारत बहादुरी से डट कर इस बीमारी की सामना कर रहा है।

इस चैलेंज को सुरु करने वाली शालिनी झा ने झारखंड वार्ता से बातचीत के दौरान बताया कि हमारे आधुनिक युग की नारियाँ अपनी छमता को कुछ कम आंक रही है। शायद इसीलिए इस दुःख भरे स्तिथी में साड़ी बिंदी चैलेंज में लगी हुइ है। मेरे मत में महिलाएं पुरुषों की तरह गृहस्ती के काम काज के अलावे बाहर का काम भी बखूबी संभाल सकती है। बस जरूरी है एक आव्हान की औऱ एक जूटता दिखने की।

अभी समय है एक साथ मिल कर लड़ाई लड़ने की ताकी भविष्य में जब भी हमारी नई पीढ़ी ये सवाल करे कि कोरोना से हम कैसे लड़े तो हमारे पास एक सार्थक जवाव हो।

शिवानी झा द्वारा देश की स्त्रियों से अनुरोध किया गया कि इस संकट और तनावपुर समय मे एक सकारात्मक कार्य करें। उन्होंने एक #मेकमास्कचैलेंज की शुरुआत की है।

जिसके तहत शिवानी ने सूती का कपड़े से 50 मास्क बना कर अपने आस पास के जरूरत मंद लोगों को बांटा है। उन्होंने पुलिस वालों को मास्क दे के ईश्वर से कामना किया है कि वो इस महामारी में सकुसल और बीमारी से बच कर रहें।

साथ ही शिवानी ने सोशल मीडिया में #MAKEMASKCHALANGE को डाल कर 10 लोगों को टैग किया और चैलेंज दिया कि प्रत्येक व्यक्ति 20 मार्क्स बनाये ओर अपने आसपास के लोगो को बाटे साथ में वो लोग फिर 10 लोग के टैग करें और इस चैन को आगे बढ़ाए।