जिले के कांडी प्रखंड क्षेत्र में किया गया रामचरितमानस नवाह्न परायण पाठ एवं महायज्ञ महोत्सव का आयोजन…

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खबर:- विवेक चौबे

गढ़वा:- जिले के कांडी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत राणाडीह गांव में श्री रामचरितमानस नवाह्न परायण पाठ महायज्ञ महोत्सव का विराट 31वाँ अधिवेशन हनुमत ध्वज स्थापित होने के साथ शुरू हो गया। महायज्ञ 27 फरवरी तक आयोजित होगा। सारनाथ वाराणसी से पधारीं बाल व्यास आराधना चतुर्वेदी का संगीतमय प्रवचन सुनने के लिए श्रोताओं की भीड़ उमड़ रही है।

महायज्ञ के दूसरे दिन की कथा में काशी वाराणसी से पधारी बाल व्यास आराधना चतुर्वेदी ने माता पार्वती की तपस्या, शिव जी का सप्तऋषियों द्वारा पार्वती जी की परीक्षा, शिव पार्वती विवाह, ब्रह्म के अवतरण का कारण व हमारे जीवन में श्री राम कथा का महत्व क्या है के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। उन्होनें कहा कि कथा से मनुष्य के जीवन की व्यथा दूर होती है।

राम कथा मानव जीवन को चंद्रमा की तरह शीतलता प्रदान करने वाली है।

इसलिए हम सभी को रामकथा का श्रवण अवश्य करना चाहिए। वाराणसी से पधारे वेदाचार्य पं. अवधेश मिश्रा प्रतिदिन सुबह पाँच बजे से शाम तक वेदमंत्र का जाप करते हुए विधि विधान से यज्ञ संपन्न करवाने में लगे हुए हैं।

वहीं वेदपाठी ब्राह्मणों की टोली प्रतिदिन रामचरितमानस की जाप कर रहे हैं। यज्ञ को सफल बनाने के लिए यज्ञ कमीटी के संरक्षक ब्रजमोहन मिश्रा, अध्यक्ष श्याम सुंदर शर्मा , उपाध्यक्ष चंद्रमणी चौबे , सचिव श्याम बिहारी दुबे , कोषाध्यक्ष रामचंद्र पाल, रामनाथ चौबे , प्रवेश राम, धनजय चौब, उपेंद्र चौबे, अखिलेश चौबे सहित गांव के सभी ग्रामीण लगे हुए हैं।