जॉइंट स्टूडेंट यूनियन ने राँची यूनिवर्सिटी कैंपस में NPR, NRC, CAA और JNU के छात्रों पर हुए हमले का शांतिपूर्ण विरोध किया

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रांची : सोमवार को 11 बजे राँची यूनिवर्सिटी कैंपस शहीद चौक में जॉइंट स्टूडेंट यूनियन के बैनर तले NPR, NRC, CAA और JNU के छात्रों पर हुए हमले को लेकर शांतिपूर्ण विरोध किया गया।

देशभर में चलेगा असहयोग आंदोलन

CAA के देश विरोधी कानून है जिससे आर्टिकल 14,15 का वायलेंस है ये मौजूदा केंद्र सरकार महगाई की दरों पर रोक नही लगा पा रही है , जीडीपी दिन पर दिन गिरता जा रहा , भुखमरी और बेरोजगारी चरम पर है परंतु केंद्र सरकार ऐसा कानून ला रही जिससे इस देश की अधिकतर आबादी नाराज और असंतुस्ट है। सभी छात्र संगठन ने कहा देशभर में असहयोग आंदोलन चलेगा : शरीक अहमद खान

हमारी लड़ाई श्रीराम जी और श्रीकृष्ण जी के पूजने वालों से नही बल्कि गोडसे और सावरकर को पूजने वालों से

शरीक अहमद खान ने कहा लड़ाई लम्बी है, लड़ाई नही रुकने वाली है, न पूरा देश कश्मीर बन सकता है और न CAA / NRC लागू हो सकता है। हमारी लड़ाई मर्यादा पुरुष्टम श्रीराम जी और श्रीकृष्ण जी के पूजने वालों से नही बल्कि गोडसे और सावरकर को पूजने वालों से है। यही कारण है की मुसलमानो के साथ श्रीराम जी और श्रीकृष्ण जी को पूजने वाले गोडसे और सावरकर को पूजने वालों के सामने डटे हुए हैं, अड़े हुए हैं, एकजुट खड़े हुए हैं।

देश पूरा सड़को पर होगा और देशभर की फैक्टरियों का उत्पादन ठप होगा

शरीक अहमद खान ने कहा कि अभी तो शुरुवात है, देशभर में आंदोलन में भारी संख्या में लोग जुड़ रहे हैं, जिस दिन आन्दोलन शिखर पर पहुंचेगा, असहयोग आंदोलन की घोषणा होगी, देश पूरा सड़को पर होगा और देशभर की फैक्टरियों का उत्पादन ठप होगा उसी दिन गुजरात का व्यापारी झोला उठाकर कैलाशा के लिए चल देगा। इनकी रीढ़ की हड्डी हिंदू मुस्लिम करना है, इस बार हिंदू मुस्लिम करने में वह विफल हो गए हैं। सरकार का तानाशाही आक्रोश, हठधर्मी, जिद्दीपन एक साथ हैट्रिक से हार्टअटैक होने वाला है, बस शांतिपूर्ण आंदोलन, लोकतांत्रिक और संवैधानिक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। असहयोग आंदोलन के लिए तैयार है सभी छात्र। दुनिया मे हर बड़ा तानाशाह छुप कर भागा है या गायब हुआ है या आत्म हत्या किया है या सूली पर चढ़ा है, हमारा तानाशाह तो शुरवात में ही बौखला गया है, अभी तो क्रांति शुरू हुई है, शिखर पर आने दीजिये, आत्महत्या या भागने की खबर जरूर सुनियेगा। आन्दोलन को धार देने की जरूरत है बस।

इस मौके पर एनएसयूई से शरीक अहमद खान , कुमार विक्की , अमन अहमद, आज़म, जेसीएम से आसिफ हुसैन, काशिफ अहमद अमित कुमार, वसीम मलिक, आकाश कुमार, सुमित कुमार, आज़ाद , दानिश ,आसिफ़, मोजाहिद, साजिद, जीनत ,फरहत ,डॉली दास अलका , एमएसएफ से शाहबाज़ हुसैन , नौशाद खान , ज़ीशान हाशमी , मो० तबरेज , सारा फ़िरोज़ , आजसू से हुसैन अंसारी , एईएसएफ से लोकेश कुमार , एईएसएफ से नॉरिन परवीन , युवा नेता में शदाब खान , मो० सोनू , एडवोकेट सुल्तान , मो० इक़बाल , मो० हसन वारिस , इमाम अहमद , मो० ताबिस , मो० शाहिद , मुदस्सिर इमाम और कई समाजसेवी साथ थे