झारखंड और बिहार को दहलाने की साजिश विफल,भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियारों के साथ दो गिरफ्तार

0

बिहार: पटना एसटीएफ और जहानाबाद पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कड़ौना ओपी क्षेत्र के बिस्टल गांव में संयुक्त ऑपरेशन में भारी मात्रा में हथियारों और विस्फोटकों के साथ दो नक्सलियों को जहानाबाद से धर दबोचा। जिससे नक्सलियों के द्वारा झारखंड और बिहार को दहलाने की साजिश विफल हो गई। पकड़े गए नक्सलियों में कड़ौना ओपी क्षेत्र के बिस्टल गांव का परशुराम सिंह और गया जिले के टेकारी थाना क्षेत्र के डोहिया गांव का निवासी संजय सिंह शामिल है। इनके पास से 7248 ग्रेनेड के पार्ट्स, 605 डेटोनेटर, 279 डेटोनेटर कैप, एक राइफल, 7 मैगजीन, 6 रायफल बोल्ट, 25 राउंड कारतूस, 4 पुलिस की वर्दी, इलेक्ट्रॉनिक ड्रिलिंग मशीन, दो वायरलेस सेट, एक बंडल सेफ्टी फ्यूज, 3 ग्रेनेड लॉन्चिंग प्लेट के साथ-साथ नक्सली साहित्य और बम बनाने में इस्तेमाल होने वाला चारकोल, लैंड माइंस लगाने के काम आने वाला भारी तार भी बरामद हुआ है।

गिरफ्तार नक्सलियों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि यह सभी विस्फोटक और हथियार झारखंड और बा बिहार में आपूर्ति होती है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि उनके पास झारखंड, बंगाल सहित अन्य राज्यों से अर्धनिर्मित हथियार और विस्फोटक पहुंचाया जाता था और वो सभी अर्धनिर्मित हैंड ग्रेनेड और हथियारों की असेंबलिंग कर झारखंड के नक्सली संगठनों को सप्लाई करता थे।

इधर पुलिस को संदेह है कि जहानाबाद जेल ब्रेक कांड में भी यह शामिल थे। जिसकी जांच जारी है।

सूत्रों के मुताबिक पटना एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि जहानाबाद जेल ब्रेक कांड में शामिल हार्डकोर नक्सली गांव में छुपे हुए हैं और उनके पास भारी मात्रा में विस्फोटक है।इस जानकारी के बाद पटना स्टेप में जहानाबाद पुलिस से संपर्क कर जानकारी साझा करते हुए ज्वाइंट ऑपरेशन चलाया और झारखंड और बिहार को दहलाने की साजिश विफल हुई।

गिरफ्तार नक्सलियों के खिलाफ सशस्त्र अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और सीएलए के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही फोन के नेटवर्क को भी खा डाला जा रहा है। नक्सली घटनाओं में इनकी संलिप्तता और विस्फोटकों की सप्लाई के बारे में भी जांच जारी है।

जहानाबाद एसपी दीपक रंजन का कहना है इनकी गिरफ्तारी से कई नक्सली कांडों के उद्भेदन में काफी सहायता मिलेगी। उनसे पूछताछ जारी है साथ ही उनकी निशानदेही पर छापामारी भी जारी है। प्रथम दृष्टया जांच में संभावना व्यक्त की जा रही है कि पकड़े गए अपराधी नक्सलियों को हथियार आपूर्ति करने वाले एजेंट हैं।