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Sunday, June 4, 2023

झारखंड दौरे के दूसरे दिन द्रौपदी मुर्मू ने राज्य के नए हाईकोर्ट भवन का किया उद्घाटन, हेमंत सोरेन भी रहे उपस्थित…

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रांची :- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 550 करोड़ रुपये की लागत से 165 एकड़ क्षेत्रफल में निर्मित झारखंड उच्च न्यायालय (HC) के नए भवन एवं परिसर का बीते बुधवार शाम को उद्घाटन किया। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल भी उपस्थिति रहे।

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि आज भी लोगों को 10-15 साल न्यायालय में लड़ने के बाद न्याय मिलता है, लेकिन उन्हें जो न्याय दिया जाता है, हकीकत में उन्हें मिलता नहीं है। राष्ट्रपति ने कहा कि कई लोग उनके पास आते हैं। यह कहते हैं कि मैडम न्याय तो मिल गया है, लेकिन जमीन पर काम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय का पालन करवाना है, जो नहीं हो रहा है। यह एक बड़ा विषय है। इस पर विचार करना होगा। राष्ट्रपति ने कहा कि इसका कोई रास्ता निकालना चाहिए। अगर रास्ता नहीं है, तो बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस विषय पर विचार करना होगा कि कई लोग कहते है कि न्याय नहीं अगर मिल रहा है तो कंटेप्ट कर दो, लेकिन कंटेप्ट केस करने के बाद भी हालात वहीं होंगे। 7 से 10 साल तक इंतजार करना होगा। आदेश फिर वही आएगा।

इस अवसर पर झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि न्यायिक प्रणाली में विधिक जगत की अहम भूमिका है। अपने ज्ञान, कौशल और अटूट समर्पण के साथ, अधिवक्ता न्याय के सिद्धांतों को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके अथक प्रयासों और वकालत के माध्यम से कमजोर और पीड़ितों की आवाज इन दीवारों के अंदर गूंजती है। अपनी न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने पर भी गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। न्यायिक प्रणाली विलंब के लिए कहा गया है, ‘देरी से मिला न्याय, न्याय न मिलना है।’ अपनी न्यायिक प्रक्रियाओं की दक्षता बढ़ाने, आधुनिक तकनीक को अपनाने और सभी के लिए त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए अपनी प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए रास्ते तलाशने चाहिए।

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