झारखंड में भी दिख रहा भारत बंद का असर, बोकारो में पुलिसकर्मी आंदोलनकारियों में धक्का मुक्की

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रांची : देश के विभिन्न केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने आज भारत बंद का आह्वान किया है जिसका असर झारखंड में भी देखने को मिल रहा है। अपने 17 सूत्री मांगों को लेकर 10 प्रमुख ट्रेड यूनियनों की हड़ताल को बिहार-झारखंड के कई संगठनों ने समर्थन किया है। आज के इस बंद में देश में करीब 25 करोड़ लोग शामिल होंगे।

बोकारो में भारत बंद का असर सुबह-सुबह नजर आया। देशव्यापी आंदोलन भारत बंद के दौरान आज बोकारो के बीएसएल के पास झारखंड पुलिस एवं आंदोलनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। यह घटना तब हुई जब आंदोलनकारी बोकारो स्टील प्लांट के पास सेक्शन गेट से प्लांट के अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे। पुलिसकर्मी आंदोलनकारियों को अंदर जाने से बलपूर्वक रोकने का प्रयास कर रहे थे, तभी दोनों तरफ से धक्का-मुक्की हो गई, हालांकि पुलिस ने आंदोलनकारियों से शांतिपूर्ण आंदोलन करने की अपील की। केंद्र सरकार के गलत नीतियों के खिलाफ मजदूर संगठनों ने भारत बंद का आह्वान किया है। मजदूरों से बीएसएल प्लांट में काम नहीं करने की भी अपील की है। मालूम हो कि भारत बंद के बावजूद भी स्टील प्लांट में काम शुरू है। प्रोडक्शन पर किसी तरह का कोई असर पड़ने की संभावना नहीं है। वैसे आंदोलनकारी बीएसएल के सभी गेटों पर जमे हुए हैं तथा सरकार विरोधी नारेबाजी कर रहे हैं।

झारखंड में आठ जनवरी को श्रमिक संगठनों की देशव्यापी हड़ताल को लेकर मंगलवार को राज्य के सभी जिलों में नुक्कड़ सभाएं और मशाल जुलूस निकाला गया।

राजधानी रांची में तुपुदाना और कोकर औद्योगिक क्षेत्र, मेकॉन, सीसीएल मुख्यालय, बैंक, बीमा कार्यालयों और कामगारों के अड्डों के पास भी नुक्कड़ सभाएं की गयी। साथ ही पर्चा बांटकर श्रमिक कर्मचारियों से देशव्यापी हड़ताल को पूरे राज्य में सफल बनाने की अपील की गयी।

सीटू के महासचिव प्रकाश विप्लव ने कहा कि देश के 10 केंद्रीय मजदूर संगठनों और 100 से ज्यादा मजदूर और कर्मचारी फेडरेशनों के आह्वान पर आठ जनवरी को बुलाये गये देशव्यापी हड़ताल की सारी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।

उन्होंने कहा कि हड़ताल में कोयला, इस्पात, रक्षा, खनिज, तेल, और गैस, फमास्युटिकल, दूरसंचार, एयरपोर्ट, डाकसेवा, परिवहन, बैंक, बीमा, केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी, परियोजनाकर्मी, निर्माण, बीड़ी, पत्थर, ईंट-भट्टा, सुरक्षा एजेंसियों स्वरोजगार, टेलरिंग, मुटिया मजदूर, कुरियर सेवा, खेत मजदूर सहित अन्य शामिल है।

साथ ही किसान संगठनों ने आठ को ग्रामीण बंद का आह्वान किया है। राज्य में 60 लाख से ज्यादा संगठित और असंगठित क्षेत्र के मजूदर भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे।

ट्रेड यूनियनों ने JNU में छात्रों, शिक्षकों पर हुए हमले, CAA, NRC बिल का विरोध करते हुए भारत बंद का आह्वान किया है, जिसमें INTUC, AITUC, HMS, CITU, AIUTUC, TUCC, SEWA, AICCTU, LPF, UTUC ये सभी ट्रेड यूनियन शामिल हैं। बिहार में भी हड़ताल को लेकर ट्रेड यूनियनों ने बैंकों में कामकाज ठप रखने का आह्वान किया है, जिसमें एसबीआइ और निजी बैंक उनका साथ नहीं देंगे। हालांकि, भारतीय मजदूर संघ इस हड़ताल से अलग रहेगा।