टीजीटी अभ्यर्थियों के धरने का आखिरी दिन, CM को सौंपा ज्ञापन

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रांची : टीजीटी हाई स्कूल के अभ्यर्थी बड़ी संख्या में राजभवन के सामने सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक आंदोलन करते रहे ज्ञात हो कि अभ्यर्थी 2 दिनों से 9 और 10 जनवरी को शांतिपूर्ण महा धरने पर बैठे तथा आज आंदोलन का आखिरी दिन था। हाई स्कूल शिक्षकों की बहाली 2016 में निकाली गई नवंबर 2017 में परीक्षा ली गई तथा रिजल्ट नवंबर 2018 में निकाला गया उसके बाद अलग-अलग जिलों में अलग-अलग विषयों के अभ्यर्थियों को जून 2019 तक बड़ी संख्या में सभी विषयों के अभ्यर्थियों की नियुक्ति करा दी गई। इतिहास नागरिक शास्त्र विषय में अभी भी 18 जिलों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है उसके साथ-साथ संस्कृत विषय में भी कुछ जिलों के अभ्यर्थियों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। प्रशासन में बैठे अधिकारियों के लापरवाही के कारण अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।

95% अभ्यर्थियों की नियुक्ति करवा दी गई है और उन सबको वेतन मिलना भी शुरू हो गया है लेकिन 5% अभ्यर्थी जो एक ही दिन परीक्षा दिए और सारी प्रक्रिया समान होने के बाद भी उन सब के साथ दोहरा रवैया अपनाया जा रहा है उन सब की नियुक्ति अभी तक नहीं हो पाई है। लेकिन इन सब की सुध लेने वाला शासन प्रशासन में कोई नहीं है। अभ्यर्थी विभिन्न विभागों का चक्कर काट काट कर परेशान है। अभ्यर्थी जेएसएससी मैं गुहार लगाते हैं तो उनको कार्मिक विभाग भेज दिया जाता है।

इन्हीं सब कारणों से मजबूर होकर अभ्यर्थी 2 दिनों के शांतिपूर्ण धरने पर राजभवन के सामने बैठे थे जिसका आज मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने के बाद समापन कर दिया गया। अभ्यर्थियों ने माननीय मुख्यमंत्री से निवेदन किया कि उन्हें जल्द से जल्द नियुक्त करवा दिया जाए और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ ना किया जाए।

इसमें झारखंड के अलग-अलग 18 जिलों के इतिहास नागरिक शास्त्र विषय के हजारों की संख्या में अभ्यर्थी शामिल थे। जिसमें मुख्य रूप से प्रवीण कुमार, ज्योति कुमारी, राजवीर कुमार चौधरी, रीता कुमारी, फुल मनी कुमारी, रामकिशोर काशी, जमुना प्रसाद, इफत प्रवीण, जिज्ञासा कुमारी, संचिता कुमारी, अजय सिंह, श्यामल कुमार, इत्यादि छात्र मौजूद थे।