दीक्षांत समारोह में पँहुचे राष्ट्रपति कोविंद

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रांची. रांची विश्व विद्यालय के मोराबादी कैंपस में आयोजित दीक्षांत समारोह में यूजी-पीजी के 106 टॉपर्स को गोल्ड तथा 4800 पासआउट को डिग्री दी गई. कार्यक्रम में मुख्य रूप से माननीय राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद, राज्यपाल माननीया श्रीमती द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री श्री रघुबर दास, शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव उपस्थित हुए।
रांची यूनिवर्सिटी के 56 वर्ष के इतिहास में पहली बार पारम्परिक ड्रेस में नजर आये छात्र छात्राएं।

राज्यपाल ने कहा- स्टूडेंट्स से राष्ट्र व समाज की काफी अपेक्षाएं
राज्यपाल सह कुलाधिपति द्रोपदी मुर्मू ने कहा कि प्रिय विद्यार्थियों, हमारा देश युवाओं का है। आपसे राष्ट्र और समाज की काफी अपेक्षाएं हैं। चुनौतियों से भरा है हमारा समय, हमारा समाज और विसंगतियों से भरा है हमारा परिवेश। प्रतिकूल परिस्थितियों का दंश हम कब तक सहते रहें, क्यों सहते रहें? प्रतिकूलता को अनुकूलता में तब्दिल करने के लिए आप सफल और शिक्षित युवा सरकार की आंख बने, दिमाग बनें। उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर भारत की अलग पहचान है। सभी हमारी ओर सम्मान और उम्मीद भरी दृष्टि रखते हैं। विकास पथ के पथिक बनें। क्योंकि आप देश की ताकत हैं। जरूरत है यह जानने की कि हम कौन हैं? राज्यपाल ने कहा कि कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता, हौसले के आगे कोई पर्दा नहीं होता, दिल में जज्बा कुछ कर दिखाने का, तो जलते दिए को आंधियों का डर नहीं होता। आरयू राज्य के सबसे पुरना विवि है। प्रोफेशनल कोर्सों को सिलेबस में शामिल किय जा रहा है। अंत में उन्होंने कहा कि आप अपने जीवन में सफलता के सर्वोच्च शिखर पर परचम लहराएं।

आत्म सम्मान व स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ें छात्र: वीसी
रांची यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. रमेश कुमार पांडेय ने कहा कि जैसे आकाश की ऊंचाई की सीमा नहीं होती है, जंगल की हरियाली का कोई एक रंग नहीं होता है, रत्नगर्भा धरती के अवदान का कोई अंत नहीं होता है। वैसे ही झारखंड की संभावनाओं की कोई सीमा नहीं होती है। हर कदम का विकास का आभास होता है। विकास का यह आभास सक्रियता से प्राप्त होगा। प्रो. पांडेय ने कहा कि छात्रों से कहा कि समय का प्रहरी बने, ईमानदार चौकीदार बनें। उन्होंने आगे कहा कि नए भारत की कल्पना का मैं भी हकदार हूं, मैं देश के विकास में छोटा सा भागीदार हूं। मैं देश का पहरेदार हूं। अंत में यही कहूंगा कि जीवन के सफर में चलते डगर पर आप रुकें नहीं, झुकें नहीं, आत्म सम्मान और स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ते रहें। हौसला हर फासले को दूर करेगा।

गोल्ड पाने वाले 106 स्टूडेंट में 73 छात्राएं
यूजी और पीजी के गोल्ड पाने वाले 106 स्टूडेंट्स में 73 छात्राएं हैं। समारोह में गोल्ड मेडलिस्ट गोल्डन कलर के ड्रेस में नजर आए। वहीं अतिथि समेत सीनेट और सिंडिकेट के सदस्य पगड़ी में दिखे। आरयू के इतिहास में 56 वर्ष बाद पहली बार बीके मृत्युंजय को समारोह में मानद उपाधि प्रदान की गई। वे ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के कार्यकारी सचिव हैं। मोरल वैल्यू पर अक्सर व्याख्यान देते हैं।

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