दुर्घटना को लगातार निमंत्रण दे रहे बालू उठाओ से बने गड्ढे, विभाग लापता

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ख़बर- सरिता देवी

मझीआंव(गढ़वा) : मझीआंव व कांडी थाना के सिवाना पर स्थित रानाडीह बालू भंडारण से सटे कोयल नदी मे बालू का उठाओ किए जाने पर बड़े-बड़े जानलेवा गड्ढे बन गए हैं। जिससे बराबर दुर्घटना की आशंका दिख रही है। इन गड्ढों में गिर जाने से जान का खतरा तय है। नदी से बालू निकालकर बीच-बीच में लंबी दूरी तक गड्ढा खोदा गया है। बालू सतह से लगभग 20 से लेकर 25 फीट गड्ढा को कभी भी देखा जा सकता है।

और तो और रेत भी दिखाई देने लगा है। जिससे जल स्तर तो घट ही जाएगा लेकिन खासकर बरसात के दिनों में मौत का सबब बन जाएगा। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ेगा। बालू के संवेदक के द्वारा सच कहा जाए तो नदी से होने वाले बालू के उठाव में खनन विभाग के द्वारा किए गए तय मानकों का खुलम खुला नजर अंदाज किया गया है। नदी का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। जहां रेत दिखाई देने लगी है। जो खेती करने लायक जमीन दिख रही है। जो नदी बना खेत जैसी लग रही है।

जबकि कोयल नदी झारखंड के सबसे बड़ी नदी बताई जा रही है। ईन नदी में निजी रास्ता बना कर खासकर रात्रि में प्रतिदिन नदी से बालू का उठाओ जारी है। जो कुछ भंडारण में रखा जाता है। और कुछ हाईवा द्वारा बालू का परिवहन किया जाता है। इसके बावजूद भी खनन व प्रदूषण नियंत्रण समिति समेत जिला प्रशासन एवं स्थानीय प्रशासन अनभिज्ञ बने हुए हैं। खास बात तो यह है कि नदी का अस्तित्व खतरे में तो पड़ ही रहा है। इसके अलावा बालू से लदे हाईवा परिवहन से धूल उड़ रही है। इस धड़कन से टीवी, दामा जैसी कई जानलेवा बीमारी होने की संभावना प्रबल दिख रही है। इससे प्रदूषण पर अंकुश नहीं लग रही है। और ना ही नदी का भविष्य बचाया जा रहा है। ओवरलोडिंग बालू हाईवा परिवहन से सड़क मार्ग दम तोड़ रही है। जबकि प्रखंड कार्यालय के नाक के सामने मुख्य पथ से ओवरलोडिंग बालू का परिवहन जारी है।

इधर बताया जा रहा है कि पिछले 2 दिन पूर्व जिला खनन पदाधिकारी योगेंदर बढ़ाईक बालू भंडारण केंद्र का निरीक्षण किया था और निरीक्षण के दौरान कांडी प्रखंड के प्रशासनिक अधिकारियों को कई दिशा निर्देश दिया गया था कि बालू भंडारण से बालू परिवहन फिलहाल नहीं होगा इसलिए कांडी सीओ के द्वारा गड्ढा खोदवा कर सड़क मार्ग अवरुद्ध कर दिया गया है। ताकि अगले आदेश तक के लिए बालू से लदे हाईवा परिवहन पर रोक लगाया जा सके।