नक्सली संगठन जेजेएमपी को लेवी नहीं देना पड़ा महंगा

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झारखंड- झारखंड के लातेहार में नक्सलियों ने मुंशी को गोलियों से भून डाला, नक्सली संगठन जेजेएमपी को लेवी नहीं देना पड़ा महंगा। प्रतिबंधित नक्सली संगठन जेजेएमपी के सुप्रीमो पप्पू लोहरा ने पुलिस को खुली चुनौती देते हुए लेवी के लिए पुल निर्माण कार्य की देखरेख कर रहे मुंशी विशुनदेव सिंह की शुक्रवार की शाम गोली मार कर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि मुंशी विशुनदेव सिंह को एके-47 से बीस गोली मारी गयी है, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई. मृतक सदर थाना क्षेत्र के बिनगडा गांव एवं जेजेएमपी के सुप्रीमो पप्पू लोहरा बगल के ही कोने गांव का रहने वाला है। पुल निर्माण का कार्य करा रहा मुंशी विशुनदेव जब घर नहीं लौटा, तो उसके पिता रघुनंदन सिंह ने अपने पुत्र के बारे में गांव के लोगों से पूछा. इसके बाद पिता ने अपने पुत्र के मोबाइल पर फोन लगाया, तो कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद गांव के लोगों ने बताया कि विशुनदेव बरैनी गांव के पास गिरा हुआ है।

वहां जाने पर देखा कि उसके शरीर से खून बह रहा है और उसकी मौत हो गई थी। इस घटना की सूचना ग्रामीणों ने रात में ही पुलिस को दे दी थी। घटना की सूचना मिलने पर मनिका विधायक सदर अस्पताल पहुंचे और थाना प्रभारी अमित कुमार गुप्ता से घटना की जानकारी ली।

पुलिस ने घटना स्थल से 14 खोखा बरामद किया है. घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार जेजेएमपी के उग्रवादियों ने लेवी के लिए शुक्रवार को पुल निर्माण कार्य के संवेदक विजय प्रसाद व मुंशी को फोन पर धमकी दी थी. इसके बाद लेवी का रूपया लेने के लिए पप्पू लोहरा ने नरेश साव को भेजा. निर्माण स्थल पर पहुंचने के बाद नरेश साव ने दोनों को धमकाया।

इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी हो गई. इसी बीच संवेदक श्री प्रसाद अपने मुंशी के साथ लातेहार आ गये और मुंशी को थाना भेज कर लेवी के लिए धमकी और मारपीट करने का एक आवेदन देने को कहा. थाना से आवेदन देकर मुंशी विशुनदेव साव जैसे ही लातेहार-सरयू मुख्य सड़क के बरैनी गांव पहुंचा, वहां पहले से घात लगाये जेजेएमपी के उग्रवादियों ने उसे पकड़ लिया. इसके बाद उसे मारते हुए कुछ दूर ले गये और एके-47 रायफल से उसके शरीर को छलनी कर दिया.