नेशनल तीरंदाज ममता चना और झालमूढ़ी बेचने को विवश

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धनबाद : प्रदेश सरकार के द्वारा खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं बनाई जा रही है दावा किया जा रहा है कि खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन दी जाएगी इसी बीच धनबाद दामोदरपुर निवासी राष्ट्रीय चैंपियन तीरंदाज ममता टुडू के द्वारा चना व झालमुड़ी बेच अपने तथा अपने परिवार के भरण-पोषण में लगी हुई है।जो सरकारी दावों की पोल खोल रही है।

बता दें कि वर्ष 2010 और 2011 में अंडर 16 में नेशनल चैंपियन रहकर देश राज्य और अपने जिला का नाम गौरवान्वित करने वाली ममता जय मां और झालमुड़ी बेचने को विवश है।

ममता ने टाटा फीडर सेंटर से लगभग 11 वर्ष पहले तीरंदाजी का गुर सीख नेशनल चैंपियन की मुकाम हासिल कर ली। इसके बावजूद धनबाद जिले सबसे पहले लड़की के रूप में नेशनल चैंपियन का रुतबा हासिल करने वाली ममता को कहीं से मदद नहीं मिली यहां तक की मॉडर्न तीर धनुष भी उन्हें नहीं मिली।

इसके अलावा मदद के अभाव में इस राष्ट्रीय चैंपियन को आर्थिक तंगी के कारण चना और झालमुड़ी बेचने को विवश हो जाना पड़ा।

तीरंदाजी में गुर सिखाने वाले उनके गुरु कोच मोहम्मद शमशाद ने इस तीरंदाज की सुध नहीं लेने पर चिंता व्यक्त की है और कहा कि यदि ऐसे होनहार खिलाड़ियों पर ध्यान नहीं दिया जाएगा तो खेल और खेल प्रतिभा बेहाल होती जाएगी।