उद्घाटन के पहले ही पानी की नई टंकी चू रही है जीरो टॉलरेंस सरकार! जल संसाधन मंत्री मिथिलेश ठाकुर को नहीं है जल की दरकार..!

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परसुडीह समेत कई ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अनियमित अव्यवस्थित जल जलापूर्ति से है हलकान

जमशेदपुर: नीर निर्मल परियोजना पेयजल व स्वच्छता विभाग के द्वारा पूर्वी सिंहभूम जिले के जमशेदपुर के परसुडीह कैथोलिक चर्च के पास लाखों रुपए की लागत से बनी पानी की नई टंकी उद्घाटन के पहले ही चू रही है। जो इसके निर्माण में एक ओर भ्रष्टाचार का जीता जागता सबूत जीरो टॉलरेंस सरकार का दावा करने वाली हेमंत सोरेन सरकार के लिए है।

वहीं दूसरी ओर नीर निर्मल परियोजना पेयजल व स्वच्छता विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में जैसे परसुडीह, सुपुडेरा, सरजामदा, ग्वालापट्टी, शांति नगर दुर्गाबाड़ी, प्रमथनगर और मकदमपुर आदि जैसे क्षेत्रों में जलापूर्ति में पानी की बर्बादी, अव्यवस्था और अनियमितता देखकर लगता है कि इस क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की चाभी किसी अनाड़ी के हाथ में दे दी गई है। पेयजल आपूर्ति का कोई टाइम टेबल नहीं है पानी कब आएगा पानी कब चला जाएगा इसका निर्धारित समय नहीं है कभी दोपहर आता है तो किसी दिन सुबह आता है वही कभी फोर्स रहता है तो कभी नहीं भी रहता है और कई कई दिन तक पेयजल की आपूर्ति नहीं भी होती है। कब आपूर्ति होगी या कब नहीं होगी किस दिन होगी किस दिन नहीं होगी यह तो चाबी वाले साहब ही बता सकते हैं। कभी-कभी तीन से चार दिन या सप्ताह भर तक भी पानी नहीं आने की शिकायत मिली है। वहीं दूसरी ओर यदा-कदा यह भी शिकायत आई है कि रात भर पानी चला कर छोड़ दिया जाता है। नियत समय पर पानी की आपूर्ति नहीं होने से एक ओर पानी का भरपूर इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं और दूसरी तरफ पानी की बर्बादी भी होती है इसका वजह बताया जा रहा है कि कई जगहों पर सप्लाई लाइन में खराबी है। विभाग द्वारा बिछाए गए पाइप से लीकेज हो रहा है जो सड़क के नीचे से निकल कर सड़क को भी बर्बाद कर रहा है। ऐसी स्थिति में अखबारों में यह खबर आई थी की प्रदेश के जल संसाधन मंत्री मिथिलेश ठाकुर के गृह क्षेत्र में लोग पानी के लिए तरस रहे हैं लोग गड्ढों से पानी छान कर लाते हैं उसके लिए काफी समय भी बर्बाद करते हैं। इसके पहले भी कई बार अखबारों से लेकर विभिन्न मीडिया में इस क्षेत्र में पानी की बर्बादी से संबंधित खबरें अक्सर छपी है और खबर में चैनलों में भी पानी की बर्बादी होते दिखाई गई है। इसके बावजूद जल संसाधन विभाग क्या कर रहा है यह उसके प्रति प्रश्न चिन्ह लगा रहा है क्योंकि आज समूचा विश्व में कहा जाता है कि जल है तो जीवन है जल को संचय करें। इधर इस संदर्भ में इस योजना के इस क्षेत्र के प्रोजेक्ट मैनेजर शशि देव पात्रा से मोबाइल के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया और उनका मत जानने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

वर्ना… इस पर एक कविता बनाई गई है उसे पढ़े और विडियो देखें कैसे चू रही है पानी की टंकी और कैसे हो रही है पेयजल की आपूर्ति

https://youtu.be/F0IZcP-ZakI

जलापूर्ति का ना तो कोई टाइम टेबल है ना निश्चित दिन तय है कब आएगी और कब चले जाएगी कोई नहीं कह सकता है घंटों लाइन में लगे रहिए डब्बा गैलन

आई तो आई नहीं तो आपके पास 10 मिनट के बाद चली भी गई गई ।कभी-कभी आई तो रात भर भी चलती रह गई।

कहीं खूब फोर्स में आई तो कहीं सरसों तेल चुआई यह है हमारे झारखंड सरकार की जलापूर्ति सिस्टम भाई, उद्घाटन के पहले ही परसुडीह कैथोलिक चर्च के पास की टंकी टेस्टिंग में ही चुने लगी है भाई वाह रे मेरे झारखंड सरकार! जल संसाधन मंत्री मिथिलेश ठाकुर के क्षेत्र में लोगों को नहीं है पानी की दरकार गड्ढे से पानी छानकर लाकर पी रहे हैं वाह रे झारखंड सरकार, और पूर्वी सिंहभूम जिले के परसुडीह और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में नीर निर्मल स्वच्छ परियोजना के तहत जलापूर्ति की बदहाली से अक्सर लीकेज पानी और ज्यादा पानी आपूर्ति से सड़के और नालियां रहती हैं पानी से गुलजार वाह रे मेरी झारखंड सरकार नहीं है पानी की दरकार……..