प्रदेश के पहले डॉ वीरेंद्र सेठ का कोरोना काल में निधन, शोक की लहर, मचा हड़कंप

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जमशेदपुर: डुमरिया के क्‍लसस्‍टर हेल्‍थ सेंटर में तैनात डॉ. बीरेंद्र सेठ का निधन सोमवार की सुबह टाटा मुख्य अस्पताल में इलाज के दौरान हो गया। उन्हें 30 मई को सांस लेने मे तकलीफ, बुखार होने की वजह से टीएमएच में भर्ती कराया गया था। उन्हें कोरोना के लक्षण था। इस कोरोना वायरस की जांच के लिए भी नमूना लिया गया था लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं आ सकी है। डॉ. बीरेंद्र सेठ जिले के पहले चिकित्सक हैं जिनका निधन कोरोना काल मे हुआ है। इनकी मौत के बाद चिकित्सकों में डर और शोक की लहर है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भी शोक जताया है। डॉ. बीरेंद्र सेठ की पत्नी डॉ. लक्ष्‍मी कुमारी खुद भी डॉक्‍टर हैं और जुगसलाई सीएचसी में तैनात हैं।

डॉ. बीरेंद्र सेठ टीएमएच में 30 मई को एडमिट कराया गया था ।एडमिट की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता उनका हाल जानने हॉस्पिटल पहुंचे थे।

झारखंड के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री बन्‍ना गुप्ता ने डॉ वीरेंद्र सेठ के निधन पर शोक जताते हुए ट़वीट में कहा है कि डॉ वीरेंद्र सेठ के निधन से दुखी हूं। सिविल सर्जन को निर्देश दिया है कि उनके इलाज में जो भी खर्च हुआ है उसका वहन स्‍वास्‍थ्‍य विभाग करे। साथ ही उनकी अंत्‍येष्टि का इंतजाम करे। इस दुख की घड़ी में स्‍वास्‍थ्‍य विभाग उनके परिवार के साथ खड़ा हे।