प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से 2 महीने मुफ्त अनाज और ऑक्सीजन किल्लत पर पीएम ने कहा

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एजेंसी:कोरोना की दूसरी लहर में मचे कोहराम और महामारी के कारण लॉकडाउन से उत्पन्न हो रहे संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक ओर फिर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मई और जून 2 महीने तक 5 किलोग्राम निशुल्क अनाज गरीबों को देने की घोषणा की है। वहीं दूसरी ओर देश के अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत के मद्देनजर कहा कि ऑक्सीजन टैंकरों को भेजने और फिर उनकी वापसी में लगने वाले समय को कम करने के लिये रेलवे, वायुसेना की मदद ली जा रही है।

प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों से साथ मिलकर काम करने और दवाइयों और ऑक्सीजन संबंधित जरूरतों को को पूरा करने के लिए एक-दूसरे से सहयोग करने का आग्रह किया।साथ ही उन्होंने राज्यों से ऑक्सीजन की जमाखोरी और कालाबाजारी पर नकेल कसने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उक्त बातें कोरोना महामारी के दूसरे लहर से सबसे अधिक प्रभावित 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा बैठक में कही।

उन्होंने महामारी की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करने के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना की पहली लहर के दौरान संयुक्त प्रयासों और संयुक्त रणनीति से भारत ने संक्रमण से सफलता पाई थी और इसी सिद्धांत पर काम करते हुए ताजा लहर से भी मुकाबला किया जा सकता है।

उन्होंने कहा, ”अगर हम एक राष्ट्र के तौर पर काम करेंगे तो संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी।”

एक अनुमान के मुताबिक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से 80 करोड़ लोग लाभान्वित होंगे।

कोरोना महामारी सबसे प्रभावित बैठक के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि वायरस इस बार कई राज्यों के साथ ही टीयर-2 और टीयर-3 शहरों को प्रभावित कर रहा है।

उन्होंने इस महामारी से लड़ाई के लिए साथ मिलकर काम करने और सामूहिक शक्ति से मुकाबला करने का आह्वान किया। बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने राज्यों को इस लड़ाई में पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया और कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय सभी राज्यों से लगातार संपर्क बनाए हुए है और वस्तुस्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है तथा साथ ही समय-समय पर उन्हें आवश्यक सलाह भी दे रहा है।

ऑक्सीजन की आपूर्ति के बारे में राज्यों की ओर से उठाए गए मुद्दों पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इसकी आपूर्ति बढ़ाए जाने को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग और मंत्रालय इस दिशा में मिलकर काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि औद्योगिक इस्तेमाल में आने वाले ऑक्सीजन का भी चिकित्सीय ऑक्सीजन की जरूरतों के लिए उपयोग किया जा रहा है।