प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति में गड़बड़ी उजागर, डीएससी बर्खास्त

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देवघर: देवघर में वर्ष 2015-16 में हुई प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में गड़बड़ी की पुष्टि विभागीय जांच में हुई है।इसके बाद स्कूली साक्षरता एवं शिक्षा विभाग ने तत्कालीन शिक्षा अधीक्षक सुधांशु शेखर मेहता को बर्खास्त कर दिया है। इस संबंध में विभाग के द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने की भी खबर है।

खबरों के मुताबिक विभागीय जांच में पुष्टि हुई है कि अंकों में छेड़छाड़ करते हुए कम अंक पाने के बावजूद कई अभ्यर्थियों को मेधा सूची में ऊपर डालकर उनकी नियुक्ति कर ली गई।

विभागीय जांच में पता चला कि तत्कालीन जिला शिक्षा अधीक्षक सुधांशु शेखर मेहता ने अपने सहकर्मियों के सहयोग से नियुक्ति नियमावली के विपरीत कार्य कर सक्षम अभ्यर्थियों को नियुक्ति से वंचित किया। शैलेश कुमार पाठक नामक अभ्यर्थी के डीपीई के मेधा अंक में छेड़छाड़ कर बढ़ोत्तरी करते हुए 59.42 के स्थान पर 69.00 कर नियुक्ति हेतु गलत ढंग से मेधा सूची में चयनित किया गया। इसके अलावा शांतनु सौरभ और सरिता कुमारी का नियुक्ति संबंधित मूल आवेदन पत्र जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय से गायब पाया गया। यह मामला सामने आने के बाद भी तत्कालीन जिला शिक्षा अधीक्षक ने आवेदन पत्र गायब होने के जिम्मेदार कर्मियों पर कोई कार्रवाई नहीं की। विभागीय जांच पदाधिकारी ने भ्रष्ट आचरण और कर्तव्य के प्रति लापरवाही को प्रमाणित पाते हुए कार्रवाई की अनुशंसा विभाग से की। जांच पदाधिकारी की अनुशंसा के आलोक में तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी से दो बार कारण पूछा गया, लेकिन वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। बताया जाता है कि कई आवेदनों में कंडिका-20 को रिक्त रखा गया या पारा शिक्षक के रूप में कार्यरत रहने की बात छिपाई गई। दोनों ही परिस्थितियों में ऐसे आवेदन अमान्य थे, लेकिन इन आवेदनों पर नियुक्ति की गई।