प०बंगाल:चुनाव परिणामों के बाद हिंसा का दौर,9 की मौत,राज्यपाल ने गृह सचिव को..

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पूर्व से जो हिंसा का दौर जारी था अब परिणाम आ गए हैं तृणमूल कांग्रेस बहुमत में आ गई है इसके बावजूद हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 24 घंटे में राज्य के विभिन्न हिस्सों में हिंसा की घटनाएं घटी हैं। इन घटनाओं में नौ लोगों के मारे जाने की खबर है। ज्यादातर घटनाओं में आरोप तृणमूल कांग्रेस पर लगा है। वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने रविवार शाम को चुनाव बाद हिंसा को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। दूसरी ओर, हिंसा-आगजनी पर राज्यपाल ने डीजीपी को समन कर गृह सचिव से रिपोर्ट मांगी है।

दूसरी ओर सीएम ममता बनर्जी ने शांति की अपील की है। चुनाव परिणामों की घोषणा के दौरान से लेकर राज्य में हिंसा के दौर में लगभग आधा दर्जन लोगों के मौत की खबर है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दक्षिण 24 परगना, नदिया व कोलकाता में भाजपा कार्यकर्ता, बर्द्धमान में टीएमसी और उत्तर 24 परगना में आइएसएफ के कार्यकर्ता की जान चली गई है।

पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम में सोमवार सुबह कई घरों और दुकानों में घुसकर तोड़फोड़ की गई। भाजपा कार्यालय में भी तोड़फोड़ की कोशिश की गई। भाजपा के पार्टी कार्यालय को भी आग के हवाले कर दिया गया। भाजपा ने टीएमसी के कार्यकर्ताओं पर इसका आरोप लगाया है, जबकि उसने इससे इन्कार किया है।

वहीं अन्य खबरों के अनुसार बीती रात कोलकाता के उल्टाडांगा इलाके में एक भाजपा कार्यकर्ता को पीटकर मारे जाने का आरोप है, जबकि साल्टलेक, न्यूटाउन, भांगड़ में रात भर अशांति जारी रही। शिवपुर-हावड़ा में भाजपा समर्थक की दुकान में दिन-दहाड़े लूट का मामला भी प्रकाश में आया है। कोलकाता के बांगुड़ एवेन्यू, बड़ाबाजार, बेलाघाटा में तृणमूल समर्थकों ने जीत के बाद दबंगई दिखाई। इसके अलावा उत्तर 24 परगना के बारासात इलाके में चुनाव के नतीजों को लेकर तृणमूल कांग्रेस तथा भाजपा के कार्यकर्ता मारपीट पर उतर आए। सभी घटनाओं में आरोप तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर लगा है जबकि उसने इससे इन्कार किया है। बर्द्धमान में एक तृणमूल कार्यकर्ता की हत्या की जाने की खबर है। हत्या का आरोप भाजपा कार्यकर्ताओं पर लगा है। उत्तर 24 परगना के भाटपाड़ा में क्रूड बम भी बरामद हुए हैं।

दार्जिलिंग जिले के फांसीदेवा क्षेत्र में रात में आठ से 10 दुकानों को तोड़ने के साथ ही एक युवक की हत्या किए जाने की भी जानकारी मिली है। रविवार को हुगली जिले के आरामबाग में भाजपा कार्यालय को आग लगा दी गई। इससे पहले कल ही पूर्व मेदिनीपुर के हल्दिया में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के साथ धक्का-मुक्की घटना घटी थी। दोनों ही घटनाओं में आरोप तृणमूल पर लगा है।

इधर भाजपा ने पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में कथित तौर पर तृणमूल कार्यकर्ताओं के हमले में अपने छह कार्यकर्ताओं की मौत का दावा किया है।साथ ही बड़े पैमाने पर भाजपा कार्यकर्ताओं के घरों पर हमले व आगजनी का आरोप लगाया है।

इधर व्यापक हिंसा के खबरों के बीच बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को सोमवार सुबह में पहले समन किया। इसके बाद राज्यपाल ने बढ़ती हिंसा को देखते हुए शाम में राज्य के गृह सचिव से भी रिपोर्ट मांगी है। राज्यपाल ने गृह सचिव से चुनाव बाद हिंसा की घटनाओं पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के साथ अब तक उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी देने को कहा है। साथ ही, राज्यपाल ने गृह सचिव से संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव उपाय करने को कहा है।

धनखड़ ने सिलसिलेवार ट्वीट करके इसकी जानकारी दी है। धनखड़ ने ट्वीट करते हुए कहा- “राज्य के विभिन्न हिस्सों से हिंसा, आगजनी और हत्याओं की कई रिपोर्टों से परेशान और चिंतित हूं। पार्टी कार्यालयों, घरों और दुकानों पर हमला किया जा रहा है। स्थिति चिंताजनक है। बंगाल के गृह विभाग, बंगाल पुलिस और ममता बनर्जी से शीघ्र कार्रवाई के लिए कहा है।” उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा- राज्य में कानून व्यवस्था के बिगड़ते हालात को लेकर डीजपी को समन किया है। तृणमूल की प्रचंड जीत के बाद रविवार को मतगणना के दिन ही शाम में हुगली जिले के आरामबाग में भाजपा कार्यालय को आग के हवाले कर दिया गया। इसके अलावा और भी कई जगहों पर हिंसा की घटनाएं सामने आई है।