फायर ब्रिगेड कर्मी ने ऐसे रचा मौत का तांडव और कर दी टीचर पत्नी और बच्चों की हत्या

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जमशेदपुर: कदमा थाना क्षेत्र में टाटा स्टील फायर ब्रिगेड कर्मचारी दीपक के द्वारा अपने पत्नी दो बच्चों समेत ट्यूशन टीचर की हत्या से सनसनी फैल गई है। 4 लोगों की हत्या के बाद तरह-तरह की खबरें आ रही है। बताया जाता है कि हत्यारा घर का दामाद ही है जो घटना को अंजाम देने के बाद घर में रखे जेवर भी लेकर फरार है। घटना को अंजाम देने के बाद परिवार के कुछ और सदस्यों के घायल होने की खबर है। घटना की जानकारी पाकर कदमा पुलिस शाम 4 बजे के बाद जांच के क्रम में घटनास्थल पर पहुंची।

शवों को कमरे में किया बंद

घटना के बाद आरोपी ने सभी शवों को कमरे में बंद करके बाहर से ताला लगाकर अपनी बुलेट से फरार हो गया। पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची, तब दरवाजा को तोड़कर भीतर गई। भीतर सभी के शव पड़े हुए थे।

क्या कह रहे परिवार वाले!

परिवार के लोगों का कहना है कि ट्यूशन टीचर रिंकी घोष सुबह के 11 बजे ट्यूशन पढ़ाने के लिए आती थी। इसके बाद वह 12.30 बजे तक अपने घर पर पहुंच जाती थी। सोमवार को जब शाम 4 बजे तक घर पर नहीं पहुंची, तब परिवार के लोग खोजते हुए दीपक के घर पर पहुंचे। यहां पर दरवाजा बाहर से बंद था। इसके बाद गुमशुदगी की शिकायत करने के लिए कदमा थाने पर शाम 4 बजे पहुंचे।

पलंग के बॉक्स में बंद था शव

घटना की सूचना मिलने के बाद कदमा पुलिस मौके पर शाम 4.30 बजे पहुंची। शवों को कमरे मे देखने के बाद पुलिस ने उसे बाहर से बंद कर दिया। वहीं ट्यूशन टीचर का शव पलंग के बॉक्स में बंद था। जब पुलिस के साथ टीचर के परिवार के लोग पहुंचे, तब बॉक्स पलंग को खोलने पर देखा कि शव उसी में पड़ा हुआ है।

दोस्त अभय घायल अवस्था में भर्ती

घटना के बाद जब दीपक का दोस्त अभय जब घर पर पहुंचा, तब उसने उसे भीतर जाने से रोक दिया। इसके बाद उसपर हतौड़ा से सिर के पीछे हमला कर दिया। घटना के बाद रौका मौके से ही चला गया और उसे परिवार के लोगो ने इलाज के लिए टीएमएच में भर्ती कराया है। इधर दीपक के बारे में बताया जा रहा है कि घटना को अंजाम देने के बाद वह सबसे पहले कदमा में साला के घर पर पहुंचा था और वहां से उसने अपने सभी जेवर लिया और फरार हो गया।

अभी भी ऑन है कमरे का एसी

घटना के बाद जब मौके पर पुलिस पहुंची और कमरे में खोला, तब देखा कि कमरे के भीतर एसी चल रही है। हत्या के बाद शव से दुर्गंध नहीं आए इसको लेकर एसी चलाने की आशंका स्थानीय लोग व्यक्त कर रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक कमरे की एसी चल रही थी।

गंभीरता से जांच में जुटा पुलिसबल

घटना के बाद जांच में घटनास्थल पर खुद एसएसपी डॉ. एम तमिल वाणन पहुंचे और पूरी जानकारी ली। कमरे के भीतर चार शवों को देखा। एक शव बॉक्स पलंग में बंद था। बाकी शव बाहर थे और खून कमरे में पसरा हुआ था। अभी पुलिस किसी नतिजे पर नहीं पहुंची है। आखिर चारो की हत्या किन कारणों से की गई है इसका पता लगाने का प्रयास पुलिस कर रही है। घटना को अंजाम देने वाला दीपक फायर ब्रिगेड का कर्मचारी थी। इस कारण से पुलिस मामले की जांच में दो फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों को भी बुलाकर सुराग खोजने का प्रयास कर रही है। स्थानीय लोगों ने तो साफ कहा है कि उन्हें घटना की कोई जानकारी नहीं है। इसके बाद से पुलिस की परेशानी बढ़ गई है।

2 साल से उसके बच्चों को पढ़ा रही थी रिंकी

ट्यूशन टीचर रिंकी घोष कदमा के रामजनम नगर की रहने वाली थी। वह पिछले दो सालों से दीपक के दो बच्चों को ट्यूशन पढ़ा रही थी। रोजाना की तरह वह दिन के 11 बजे तिस्ता रोड पर पहुंची थी। इसके बाद क्या हुआ इसकी जानकारी किसी को नहीं है।