बंगाल चुनाव : कोविड नियमों के सख्त पालन के साथ वोटों की गिनती शुरू

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कोलकाता : बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए वोटों की गिनती रविवार सुबह 8:00 बजे से राज्य के सभी 108 मतगणना केंद्रों पर शुरू हो गई। शुरुआत में पोस्टल बैलेटों की गिनती हो रही है। इस दौरान विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमा रहे कुल 2,116 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा। बता दें कि बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच आठ चरणों में मतदान कराए गए। निर्वाचन आयोग ने मतों की गिनती के लिए विस्तृत तैयारियां की है।

साथ ही कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के चलते यह सुनिश्चित कर रहा है कि स्वास्थ्य नियमों एवं शारीरिक दूरी का कड़ाई से अनुपालन हो।

मतगणना की प्रमुख बातें

कुल सीट- 292 कुल- प्रत्याशी- 2116 कुल मतगणना केंद्र- 108 कुल ऑब्जर्वर-292 256 कंपनी अर्द्धसैनिक बल की तैनाती 15 राउंड कम से कम 25 राउंड अधिक से अधिक सर्वाधिक मतगणना केंद्र- दक्षिण 24 परगना-15 गणना केंद्र सबसे कम मतगणना केंद्र -कलिम्पोंग,अलीपुरद्वार, झाड़ग्राम-एक-एक आठ चरणों में 81.76 फीसद मतदान

चुनाव में शुरू से लेकर अंत तक जमकर हिंसा देखने को मिली। एक दर्जन से अधिक लोगों की जानें गई। हिंसा की वजह से पांचवें दौर और कोरोना महामारी के कारण आखिरी के तीन चरणों में चुनाव प्रचार को मतदान से 72 घंटे पहले ही बंद करना पड़ा। इसके बावजूद बंगाल के मतदाताओं ने जमकर मतदान किया। हालांकि, कोलकाता समेत कुछ और शहरी इलाकों के लोगों ने उस हिसाब से मतदान में भाग नहीं लिया जैसा ग्रामीण इलाकों में दिखा। बावजूद इसके आठ चरणों में बंगाल में 81.76 फीसद मतदान हुआ। दो सीटों शमशेरगंज और जंगीपुर में के लिए मतदान 16 मई को होना है।

कुल 108 मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा की तीन स्तरीय व्यवस्था चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को बताया कि राज्य भर में कुल 108 मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा की तीन स्तरीय व्यवस्था की गई है, जहां बने स्ट्रांग रूम में ईवीएम मशीन और वोटर वेरीफाइबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) को कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। उन्होंने बताया कि 23 जिलों में फैले मतगणना केंद्रों पर कम से कम 292 पर्यवेक्षकों और केंद्रीय सुरक्षा बलों की 256 कंपनियों को तैनात किया गया है।

अधिकारी के मुताबिक, दक्षिण 24 परगना में सबसे अधिक 15 मतगणना केंद्र हैं जबकि कलिम्पोंग, अलीपुरद्वार और झाड़ग्राम में एक-एक मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। कोविड-19 दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन उन्होंने बताया कि राज्य में कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए गिनती के दौरान कोविड-19 दिशानिर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए गए हैं।

अधिकारी ने बताया कि मतगणना प्रक्रिया शुरू करने से पहले सभी ईवीएम और वीवीपैट को विषाणु मुक्त किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मतगणना प्रक्रिया में शामिल लोगों के लिए केंद्र के बाहर मास्क, फेस शिल्ड और सेनिटाइजर रखे होंगे। प्रत्येक केंद्र को मतगणना के दौरान कम से कम 15 बार विषाणु मुक्त किया जाएगा। इसके लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

शारीरिक दूरी का पालन

अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने मतगणना के लिए मेजों को ऐसे लगाने का फैसला किया है जिससे शारीरिक दूरी का अनुपालन किया जा सके। उन्होंने बताया कि एक कक्ष में मतगणना के लिए सात से अधिक मेजें नहीं होंगी जबकि पहले यह संख्या 14 होती थी। अधिक संख्या में मेजें वहां लगाई जाएंगी जहां पर जगह की कमी नहीं हो। कोविड-19 की निगेटिव रिपोर्ट के बाद ही मतगणना केंद्र में प्रवेश की होगी अनुमति निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देश के मुताबिक प्रत्याशी या उनके प्रतिनिधि कोविड-19 की निगेटिव रिपोर्ट या टीके की दोनों खुराक लेने का प्रमाण पत्र दिखाकर ही मतगणना केंद्र के भीतर जा सकेंगे। अधिकारी ने बताया कि सभी जिलों के प्रशासन को आदेश जारी किया गया है कि वे मतगणना केंद्रों के बाहर भीड़ जमा होने से रोकें और इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें।