बजट में जाने किसे पड़ा बहुत महंगा और किनकी है बल्ले बल्ले…!

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एजेंसी : संसद में देश का आम बजट पेश हो चुका है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना बजट भाषण समाप्त कर चुकी हैं। आम आयकरदाताओं को बजट 2021 में कोई राहत नहीं मिली है। केवल 75 साल से अधिक उम्र वालों को अब आयकर रिटर्न भरने की आवश्यकता नहीं होगी।

वहीं सरकार ने किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। शहरी, ग्रामीण स्वच्छता के लिए सरकार ने बजट में प्रावधान किए हैं। स्वच्छ हवा के लिए भी सरकार ने अपना पिटारा खोला है। सरकार ने रेलवे के लिए राष्ट्रीय रेल योजना 2030 तैयार करने का प्रावधान किया है। जल्द ही वॉलेंट्री स्क्रैप पॉलिसी को लॉन्च किया जाएगा।

बीमा क्षेत्र में 74 फीसदी तक एफडीआई को मंजूरी दी गई है। वहीं प्रवासी मजदूरों के लिए एक पोर्टल बनाया जाएगा। जिसमें उन जुड़ी जानकारी होगी। कई सरकारी कंपनियों के विनिवेश का भी एलान किया गया। लेह में केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाया जाएगा और अनुसूचित जाति के 4 करोड़ विद्यार्थियों को 35 हजार करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

बजट में इस साल राजकोषीय घाटा के 6.8 फीसदी तक रहने का अनुमान किया गया है। सरकार ने जहां सोने और चांदी से कस्टम ड्यूटी को घटाया है। वहीं मोबाइल और चार्जर को महंगा कर दिया है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फरवरी 1, 2021 को अपने बजट भाषण के दौरान कहा कि सरकार इस संसदीय सत्र में आवश्यक विधायी बदलाव लाएगी। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि सरकार किन बैंकों को हिस्सेदारी बेचना चाह रही है।

2019 में, इसने भारतीय जीवन बीमा निगम को आईडीबीआई बैंक लिमिटेड में बहुमत हिस्सेदारी बेची थी, ऋणदाता का प्रभावी रूप से निजीकरण किया था।

दो बैंकों के अलावा, सरकार एक सामान्य बीमा कंपनी में हिस्सेदारी को विभाजित करेगी। एलआईसी के लिए 1.75 लाख करोड़ रुपये की विनिवेश योजना के तहत प्रस्तावित प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश भी वित्त वर्ष 22 में समाप्त होगी।

सरकार को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2021 में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों में विनिवेश से 12 लाख करोड़ रुपये बढ़ाकर 32000 करोड़ रुपये का अनुमान लगाया जाएगा।

यह सरकार द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकिंग सुधारों में लाने का एक और प्रयास है। अगस्त 2019 में, इसने 10 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को चार, प्रभावी 1 अप्रैल, 2020 में विलय की घोषणा की थी।

पंजाब नेशनल बैंक ने ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का अधिग्रहण किया; यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने आंध्र बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक का अधिग्रहण किया; इलाहाबाद बैंक का भारतीय बैंक में विलय हो गया, जबकि सिंडिकेट बैंक का केनरा बैंक में विलय कर दिया गया।

अलग से, वित्त वर्ष 2021 के बजट में, सरकार ने राज्य-संचालित बैंकों के लिए 20000 करोड़ रुपये के पुनर्पूंजीकरण योजना की भी घोषणा की।