बिहारी झारखंड में आरक्षण का लाभ नहीं ले पाएंगे :हाई कोर्ट, फैसले से एक जज असहमत

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रांची:बिहार के रहने वाले रंजीत कुमार ने हाई कोर्ट में याचिका दायर करते हुए झारखंड पुलिस बहाली में आरक्षण का लाभ देने की मांग की थी। इस मामले की सुनवाई पिछले वर्ष अक्टूबर में हुई थी और हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को हाई कोर्ट के लार्जर बेंच के तीन जजों में से दो जजों ने बहुमत के आधार पर इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि बिहारियों को झारखंड प्रदेश में किसी प्रकार का कोई आरक्षण नहीं मिलेगा।

बता दें कि हाई कोर्ट के जस्टिस एचसी मिश्र, जस्टिस अपरेश कुमार सिंह व जस्टिस बीबी मंगलमूर्ति की लार्जर बेंच ने अक्टूबर 2019 में इस मामले की सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

इस मामले में सोमवार को फैसला सुनाया गया सबसे पहले जस्टिस एचसी मिश्र ने न्यायालय में आदेश पढ़कर सुनाया। जिसमें उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता एकीकृत बिहार के समय से ही झारखंड क्षेत्र में रह रहा है, इसलिए उनसे आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। यह कहते हुए उन्होंने राज्य सरकार की अपील को खारिज कर दिया और याचिकाकर्ताओं को नौकरी में बहाल करने का आदेश दिया।

जबकि इसके बाद जस्टिस अपरेश कुमार सिंह ने अपना आदेश पढ़ते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा बीर सिंह के मामले में दिए गए आदेश का हवाला देते हुए कहा कि एक राज्य का निवासी दूसरे राज्य में आरक्षण का हकदार नहीं होगा। यही आदेश जस्टिस बीबी मंगलमूर्ति का भी था। इसके बाद दोनों जजों ने याचिकाकर्ताओं की अपील को खारिज कर सरकार के दलील को उचित ठहराया।

बहरहाल हाईकोर्ट के फैसले से स्पष्ट है कि बिहारियों को झारखंड में आरक्षण का कोई लाभ नहीं मिलेगा।