बिहार में लग सकता है, वीकेंड_लॉकडाउन, CM नीतीश कुमार आज लेंगे फैसला

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बिहार- बिहार सरकार आज लॉकडाउन को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार पिछले 2 दिनों से मैराथन मीटिंग कर रहे हैं। पहले उन्होंने बिहार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की, उसके बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के SP और DM से हालात का जायजा लिया। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज लॉकडाउन की घोषणा कर सकते हैं। यह वीकेंड लॉकडाउन होगा। सप्ताह में 3 दिन के लिए लॉकडाउन किया जाएगा, यानी शुक्रवार, शनिवार और रविवार को। सप्ताह के बाकी 5 दिन पुराने गाइडलाइन के मुताबिक काम होंगे, यानी नाइट कर्फ्यू लागू रहेगा, दुकानें भी शाम 6 बजे तक ही खुलेंगी। बुधवार की शाम 6 बजे विकास आयुक्त आमिर सुबहानी और स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रेस कांफ्रेंस में वीकेंड लॉकडाउन की घोषणा की जा सकती है।

सड़कों पर निकल कर लिया था जायजा:-
CM नीतीश कुमार काफी गंभीरता से कोरोना संक्रमण का जायजा ले रहे हैं। सोमवार को उन्होंने अपने सरकारी आवास 1, अणे मार्ग पर अधिकारियों के साथ बैठक की थी, जिसमें उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, आपदा विभाग सहित कोरोना से जुड़े संबंधित विभागों से फीडबैक लिया। बैठक के तुरंत बाद वे पटना की सड़कों पर निकल पड़े थे। CM उन जगहों पर गए जहां भीड़भाड़ रहने की संभावना रहती है। इसके दूसरे दिन, यानी मंगलवार को मुख्यमंत्री ने बिहार के सभी जिलों के DM-SP के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मीटिंग की और सभी जिलों का फीडबैक लिया।

CM ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और सभी SP-DM को ये निर्देश जारी किए थे:
कोरोना संक्रमितों के इलाज में किसी प्रकार की कोई कोताही न हो, इस पर विशेष ध्यान दें। समस्या को कैसे कम किया जा सकता है, इस पर सकारात्मक रवैये के साथ काम करें।
1 मई से 18 वर्ष से 44 वर्ष के लोगों का भी टीकाकरण कराया जाएगा। राज्य सरकार मुफ्त टीकाकरण कराएगी। टीकाकरण को लेकर पूरी तैयारी रखें।
अधिकारी सक्रिय रहेंगे तो लोग नियंत्रित रहेंगे, मूवमेंट सीमित होगा और कोरोना का फैलाव कम से कम होगा।
जिलों में इलाज की पूरी व्यवस्था रखें, अनुमंडल स्तर पर भी पूरी तैयारी रखें। IGIMS पटना को डेडिकेटेड अस्पताल बनाएं।
स्वास्थ्य विभाग अल्टरनेट डे पर सभी जिलाधिकारियों से कोरोना संक्रमण की अद्यतन स्थिति की जानकारी ले और उसके आधार पर जरूरी कदम उठाए।
माइकिंग द्वारा गांव-गांव तक कोरोना संक्रमण के प्रति लोगों को सतर्क और सजग करने के लिए निरंतर अभियान चलाएं। उन्हें अगल-बगल के गांव और मोहल्लों में कोरोना संक्रमितों की संख्या बताएं। उसके फैलाव के बारे में लोगों को सचेत करें।