‘बुलबुल’ तूफान का कहर, पश्चिम बंगाल में 10 की मौत

0

कोलकाता: चक्रवाती तूफान बुलबुल ने बांग्लादेश जाने के पहले पश्चिम बंगाल में भारी तबाही मचाई.गंभीर चक्रवात के कारण रविवार को सुबह तक तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। आंधी के कारण सैकड़ों पेड़ उखड़ गए और उत्तर और दक्षिण 24 परगना व पूर्वी मिदनापुर जिलों में बिजली के तार टूट गए। इस चक्रवात ने दोनों राज्यों के तटीय जिलों में भारी तबाही मचाई, जिससे पेड़-पौधों के साथ हजारों घर और सैकड़ों फोन टावर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

लगभग दो लाख 73 हजार परिवार प्रभावित हुए हैं। रविवार को आधिकारिक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी।आईएमडी के मुताबिक असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, कर्नाटक, और केरल में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है. कुछ इलाकों में बारिश के दौरान बिजली गिरने की भी घटना भी देखी जा सकती है।

पश्चिम बंगाल में ‘बुलबुल’ से कुल 7815 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और करीब 870 पेड़ों के गिरने की जानकारी सामने आई है। वहीं मंत्रालय ने बताया कि 950 फोन टावर भी इस तूफान के कारण क्षतिग्रस्त हुए हैं। पश्चिम बंगाल में बिजली और दूरसंचार सेवाओं को पुन: बहाल करने का काम शुरू हो गया है। मंत्रालय ने कहा कि चक्रवात के प्रभाव के कारण ओडिशा के चार जिले गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं।

चक्रवात ‘बुलबुल’ के कारण मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अगले सप्ताह उत्तर बंगाल की अपनी यात्रा रद्द करने का फैसला किया है। वे सोमवार को नामखाना और बक्खाली के आसपास प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगी। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बातचीत की और इस आपदा से निपटने के लिए राज्य को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया वहां बशीरहाट इलाके में पुरबा मकाला गांव में 70 वर्षीय सुचित्रा मंडल पर एक पेड़ गिर पड़ा, जिससे उनकी मौत हो गयी। गोखना गांव में कई पेड़ उखड़ गये, इनमें एक पेड़ की चपेट में आने से रेबा बिस्वास (47) की मौत हो गयी। अधिकारी ने बताया कि जिले में एक लैम्प पोस्ट के संपर्क में आने से बिजली का झटका लगने से मनिरुल गाजी (59) की मौत हो गयी।