बेमौसम बारिश: बिजली गुल,बहा पुलिया, प्रदेश में नया साइक्लोनिक सरकुलेशन, बारिश, आंधी, वज्रपात का अलर्ट, जानें कब तक..

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रांची: प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी से प्रदेश वासी व्याकुल हो उठे थे इसी बीच राज्य और उसके आसपास के क्षेत्रों में एक नया साइक्लोनिक सरकुलेशन बनने की खबर है। जिसके चलते प्रदेश में फिर से एक बार मौसम बदल रहा है और लोगों को भीषण गर्मी से एक ओर कुछ राहत मिलने लगी है लेकिन दूसरी ओर प्रदेश की राजधानी और उसके आसपास के क्षेत्रों में सोमवार की सुबह मूसलाधार बारिश के साथ वज्रपात की भी खबर है। तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश के कारण सड़कों पर पानी लबालब भर कर जाम हो गया। जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई। इसके अलावा मौसम विभाग के मुताबिक झारखंड समेत आसपास के क्षेत्रों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर है। जिसके कारण दो से पांच जून तक आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और गरज वाले बदल के साथ वज्रपात की भी संभावना है। इस दौरान 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं भी चलने की संभावना जताई गई है।

इधर बिरसा मुंडा एयरपोर्ट स्थित मौसम केंद्र ने चेतावनी जारी की है जिसमें रांची,हजारीबाग ,रामगढ़, लोहरदगा और गुमला जिलों में मेघ गर्जन के साथ-साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश की आशंका जताई है। इसके अलावा वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है। नहीं मौसम विभाग ने फिलहाल 5 जून तक मौसम में ऐसे ही बदलाव की संभावना जताते हुए कहा है कि 15 जून से झारखंड में मानसून के आगमन की संभावना है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और छत्‍तीसगढ़ तक बने टर्फ लाइन बना हुआ है। जिसके कारण सोमवार को झारखंड के कई हिस्सों में तेज हवा के साथ साथ बारिश होने की संभावना है।

वहीं दूसरी ओर अन्य खबरों के मुताबिक रविवार और सोमवार की सुबह अचानक आई बारिश और तेज हवा और बज्रपात के कारण रांची में 2 पशुओं की मौत होने की खबर है। इसके अलावा आंधी तूफान से कोडरमा के जयनगर में एक पॉल्‍ट्री फार्म की छत उड़ा और चतरा में बारिश से डायवर्सन बह गया।चतरा जिला का टंडवा प्रखंड टापू मे तब्दील हो गया है। जिला मुख्यालय, चतरा और प्रमंडलीय मुख्यालय, हजारीबाग से पूरी तरह कट गया है। प्रखंड लाइफलाइन गेरूआ पुल के समीप बना डायवर्सन रविवार को हुई तेज बारिश की भेंट चढ़ गया। दो माह पूर्व इसी तरह गेरुआ पुल का एक हिस्सा ध्वस्त हो गया था। पुल को ध्वस्त होने और डायवर्सन को बहने से सीसीएल तथा एनटीपीसी को काफी नुकसान का अनुमान है।

इधर राजधानी रांची में बारिश के बाद अक्सर बिजली व्यवस्था की आंख मिचौली जारी रहती है सो है।शहर के डंगराटोली, बिरसा नगर, पुंदाग, धुर्वा, चर्च रोड, डोरंडा, कोकर, कडरू, पथलकुदवा आदि इलाकों में बिजली की आंख मिचौली जारी है लोग लॉक डाउन में मुश्किल में हैं।