ब्यूरोक्रेट गुमराह कर रहे हैं सीएम को,माले विधायक विनोद सिंह ने कहा मजदूरों के खाते में ₹5000 भेजें

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रांची:बगोदर के माले विधायक विनोद सिंह ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ट्वीट करते हुए कहा कि जब दिल्ली, बिहार और केरल की सरकारें संकटग्रस्त कोरोना काल में मजदूरों के खाते में रुपए भेज रही है तो झारखंड में ऐसा क्यों नहीं हो रहा है!

दिल्ली में @ArvindKejriwalऔर बिहार में @NitishKumaने मजदूरों तथा रोजगार से वंचितों के बैंक खाते में सीधे नगद राशि तत्काल डालने का प्रावधान किया।@HemantSorenJMM कृपया झारखंड के प्रवासी मजदूरों, रोजी से वंचित लोगों को तत्काल 5000 रु भेजे जाएं। नियम न हों, तो बन सकते हैं। 1/3Translate Tweet8:44 AM · Apr 3, 2020·Twitter for Android

बगोदर माले विधायक विनोद सिंह ने शुक्रवार की सुबह एक के बाद एक कई ट्वीट करते हुए झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन को कहा ‘अफसर झारखंड में “हाथी” उड़ा देते हैं, वे संकट में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को नियमों में क्यों उलझाते हैं? जिस नियम से हाथी उड़ाया, उसी नियम से गरीबों की मदद करें।अन्य राज्यों से नियम मांग लें।उल्लेखनीय है कि झारखंड में पांच साल तक बहुमत वाली रघुवर दास की सरकार थी।उस सरकार ने “मोमेंटम झारखंड” में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गयी।मोमेंटम झारखंड का लोगो “उड़ता हाथी” था। यही कारण है कि झारखंड में “हाथी” उड़ाने की बात लोग चटकारे ले-लेकर करते रहे हैं।

सरयू राय ने डीबीटी- डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर पर स्टडी की है। झारखंड में हाथी उड़ाने वाले अफसर उनसे विमर्श कर लें।

विनोद सिंह ने एक अन्य ट्विट में लिखा कि पूर्व मंत्री सरयू राय ने डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) पर स्टडी की है।झारखंड में हाथी उड़ाने वाले अफसर उनसे विमर्श कर लें।दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल या बिहार के मुख्यमंत्री से नियम मंगा लें। अध्यादेश जारी कर दें।

विनोद सिंह ने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए लिखा है कि हेमंत सोरेन जी बड़े फैसलों का वक्त है। एक-एक मिनट कीमती है।

ट्वीट में विनोद सिंह ने कहा कि दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और बिहार में नीतिश कुमार ने मजदूरों तथा रोजगार से वंचितों के बैंक खाते में सीधे नकद राशि तत्काल डालने का प्रावधान किया है। इसलिये हेमंत सोरेन जी कृपया झारखंड के प्रवासी मजदूरों, रोजी रोटी से वंचित लोगों को तत्काल 5000-5000 रुपया भेजे जायें। नियम न हों तो बन सकते हैं।

@vinodbagodar