बढ़ सकती है पांकी से बीजेपी विधायक शशिभूषण मेहता की मुश्किलें, हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएंगे सुचित्रा के परिजन

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रांची : पांकी से बीजेपी विधायक शशिभूषण मेहता की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। रांची के बहुचर्चित सुचित्रा मिश्रा हत्याकांड में निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अब सुचित्रा के परिजन हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएंगे।

8 साल पहले 11 मई को हुई थी वार्डन की हत्या

ऑक्सफोर्ड स्कूल, रांची की वार्डन सुचित्रा मिश्रा की 11 मई 2012 को हत्या कर दी गई थी। उनके शव को एचईसी क्षेत्र में सड़क किनारे फेंक दिया गया था। सुचित्रा के परिजनों ने इस मामले में ऑक्सफोर्ड स्कूल के निदेशक शशिभूषण प्रकाश मेहता समेत राजनाथ सिंह, प्रदीप कुमार पासवान, धर्मेंद्र ठाकुर, अनूप सिंह और सत्य प्रकाश के खिलाफ केस दर्ज कराया था। कोर्ट ले सभी आरोपियों को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया था।

सुचित्रा के भाई ने जताया था अनीश पर हत्या का संदेह

सुचित्रा के भाई गोविंद पांडेय ने पुलिस को बयान दिया था कि घटना के दिन वे रात साढ़े आठ बजे बाजार से सब्जी खरीद कर घर लौट रहे थे, तो रास्ते में ट्रांसफॉर्मर के पास लोगों की भीड़ देख कर वह भी रुक गये। देखा कि वहां उनकी बहन सुचित्रा बेहोश पड़ी थी। वह लोगों की मदद से उसे एचइसी अस्पताल ले गये। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उन्होंने धुर्वा थाने में बहन की हत्या के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करायी। इसमें अनीश नामक युवक पर हत्या करने का संदेह जताया था।

पुलिसिया जांच में पाए गए तथ्य

केस डायरी में पुलिस ने कहा है कि गुप्तचरों से पता चला कि सुचित्रा व उसके बच्चे सर्कस देख रहे थे। उस दौरान शशिभूषण मेहता ने सुचित्रा को कई बार उनको फोन किया। सर्कस देखने के बाद वह उन्हीं से मिलने गयी थी। बच्चों ने भी इसी तरह का बयान पुलिस को दिया था। इसके बाद पुलिस की जांच की दिशा बदली और शशि भूषण मेहता का मोबाइल का लोकेशन निकाला। लोकेशन शहीद मैदान वाले इलाके में पाया गया। उसी मैदान में सर्कस भी लगा था। कॉल डिटेल से पता चला कि मेहता ने घटना से पहले अपने मोबाइल से सुचित्रा के मोबाइल पर पांच बार फोन किया था। लोकेशन और कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने 19 मई 2012 को शशि भूषण मेहता को गिरफ्तार किया था।

3 अक्टूबर को भाजपा में शामिल हुए थे शशिभूषण मेहता

रांची में ऑक्सफोर्ड स्कूल की वार्डन रही चर्चित सुचित्रा मिश्रा हत्याकांड का आरोपी और पांकी विधानसभा क्षेत्र से पूर्व झामुमो प्रत्याशी कुशवाहा डॉ. शशिभूषण मेहता 3 अक्टूबर को भाजपा में शामिल हुए थे। भाजपा से मिले टिकट पर उन्होंने पांकी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था, जिसमे उनकी जीत हुई है।

सीयूजे कंस्ट्रक्शन घोटाले में चार्जशीटेड हैं शशिभूषण मेहता

शशिभूषण मेहता सीयूजे (सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड) के निर्माण घोटाले में भी चार्जशीटेड है़ं। सीबीआइ ने वर्ष 2014 में सीयूजे के नये कैंपस के भवन निर्माण घोटाले में सीयूजे के तत्कालीन कुलपति डीटी खटिंग, ओएसडी प्रोजेक्ट एनपी गर्ग, इंटरनल ऑडिट ऑफिसर सीताराम स्वर्णकार, इंजीनियर संजय कुमार सिंह समेत 12 निर्माण कंपनियों के डायरेक्टर, प्रोपराइटर और पार्टनर के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रच कर करीब 7 करोड़ 12 लाख रुपये नुकसान पहुंचाने संबंधी मुकदमा दर्ज किया गया था़।