भूकंप के आभास के साथ सड़के फटी, 5 फुट मकानें धंसी, दीवारें गिरी, खौफ में लोग

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रांची: एक ओर वैश्विक महामारी कोरोना ने लोगों के बीच भय का माहौल कायम किया हुआ है और लॉक डाउन भी है इसी दौरान झारखंड के खूंटी जिला से सटे खलाड़ी प्रखंड के विश्रामपुर पंचायत के जामुन दोहर बस्ती में भूकंप के झटके जैसा आभास होने के बाद धरती फटने और धंसने से लोगों में खौफ का माहौल है। घटना मंगलवार देर रात की बताई जाती है। इस घटना में 2 लोगों के घरों के करीब 5 फुट धंसने की खबर है। खौफ के कारण लोग अपने घरों से निकल गए बाहर का नजारा देखा तो सड़क में दरार बन चुकी थी और घर भी करीब 5 फुट धंस चुके थे।\nखबरों के अनुसार घर के अंदर सो रहे लोगों को पहले भूकंप आने जैसा आभास हुआ उसके बाद उनका घर धंस गया। लोगों में इस बात की चर्चा है कि जमीन में दरार आने देर रात शुरू हुई क्यों बुधवार सुबह तक चलती रही।\n\n बस्ती के प्रदीप तुरी और अरविंद तुरी का कहना है कि वे लोग अपने पूरे परिवार के साथ अपने घरों में सो रहे थे। मंगलवार की रात को 8 बजे इन लोगों को भूकंप जैसा आभास होने लगा लेकिन उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था स्पष्ट तौर पर कोई नुकसान नहीं दिखाई दे रहा था लेकिन अचानक उन्हें यह भी आभास हो गया कि उनका घर जमीन में धंस रहा है। खतरे को भांपते हुए वे लोग रात लगभग 2:00 बजे घर से बाहर निकलकर रात काटी। सुबह देखा कि रात में जमीन में दरार पड़ी थी सुबह वह बढ़ती जा रही है।\nगौरतलब है कि यह क्षेत्र खुली खदानों से आधे किलोमीटर से भी कम के दायरे में स्थित है और भूमिगत कोयला खदानों के ऊपर ही ये बस्तियां बसी हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों में अक्सर इस तरह की घटनाएं घटित होती रहती हैं।\n\nरांची: एक ओर वैश्विक महामारी कोरोना ने लोगों के बीच भय का माहौल कायम किया हुआ है और लॉक डाउन भी है इसी दौरान झारखंड के खूंटी जिला से सटे खलाड़ी प्रखंड के विश्रामपुर पंचायत के जामुन दोहर बस्ती में भूकंप के झटके जैसा आभास होने के बाद धरती फटने और धंसने से लोगों में खौफ का माहौल है। घटना मंगलवार देर रात की बताई जाती है। इस घटना में 2 लोगों के घरों के करीब 5 फुट धंसने की खबर है। खौफ के कारण लोग अपने घरों से निकल गए बाहर का नजारा देखा तो सड़क में दरार बन चुकी थी और घर भी करीब 5 फुट धंस चुके थे।

खबरों के अनुसार घर के अंदर सो रहे लोगों को पहले भूकंप आने जैसा आभास हुआ उसके बाद उनका घर धंस गया। लोगों में इस बात की चर्चा है कि जमीन में दरार आने देर रात शुरू हुई क्यों बुधवार सुबह तक चलती रही।

बस्ती के प्रदीप तुरी और अरविंद तुरी का कहना है कि वे लोग अपने पूरे परिवार के साथ अपने घरों में सो रहे थे। मंगलवार की रात को 8 बजे इन लोगों को भूकंप जैसा आभास होने लगा लेकिन उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था स्पष्ट तौर पर कोई नुकसान नहीं दिखाई दे रहा था लेकिन अचानक उन्हें यह भी आभास हो गया कि उनका घर जमीन में धंस रहा है। खतरे को भांपते हुए वे लोग रात लगभग 2:00 बजे घर से बाहर निकलकर रात काटी। सुबह देखा कि रात में जमीन में दरार पड़ी थी सुबह वह बढ़ती जा रही है।

गौरतलब है कि यह क्षेत्र खुली खदानों से आधे किलोमीटर से भी कम के दायरे में स्थित है और भूमिगत कोयला खदानों के ऊपर ही ये बस्तियां बसी हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों में अक्सर इस तरह की घटनाएं घटित होती रहती हैं।