माकपा नेता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह मुंडा का निधन

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माकपा राज्य सचिव मंडल सदस्य , पूर्व विधायक एवं झारखंड राज्य किसान सभा के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह मुंडा 92 वर्षीय का निधन माधुरी नरसिंह होम मिलन चौंक में 10 बजे हो गया। वे 1977 से लगातार तीन वार सिल्ली विधानसभा से चुने गए। झारखंड गठन के पूर्व जैक कार्यकारिणी के सदस्य भी मनोनीत हुए थे।आपातकाल सहित दर्जनों बार इन्हें जेल जाना पड़ा। 71 धारा जमीन वापसी के संघर्ष ,महाजनी संघर्ष,किसा आन्दोलन के संघर्ष में क‌ई बार इन पर जानलेवा हमला भी हुआ। 19 म‌ई 1979 में राहे सफ़ेद झंड़ा के लोगों द्वारा गोली काण्ड में द्वारिका महतो,दानी दता शहिद हो गये। 15 मार्च 1988 में भारत बंद में पुलिस गोलीकांड में उन्हें बचाने मे शशोघर मुंडा शहीद हो गये। 10 अप्रेल 1992 में अंड़की प्रखंड के डोरेया में इनके ऊपर जानलेवा हमला हुआ , उन्हें बचाने में अंगरक्षक गोपाल मुंडा शहीद हो गये थे । उस लाल झंडा – सफेद झंड़ा के संघर्ष के दौर में पंचपरना सहित रांची जिले में 67 साथियों ने शहादत दी थी। इनकी स्मृति में माकपा एवं किसान सभा द्वारा शहीद मेला का आयोजन किया जाता रहा है। बुंडू में शहीद लक्ष्मी कान्त संवासी,जिंतु मे शशोधर मुंडा का तथा सेरेंगहातु द्वारिका महतो का प्रतिमा लगाया गया है। जीवन भर किसान मजदूरों के लिए संघर्षरत रहे।सादगी पूर्ण जीवन रहा इनका।

भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी राज्य सचिव मंडल एवं झारखंड राज्य किसान सभा तथा झारखंड राज्य किसान संघर्ष समन्वय समिति ने राजेन्द्र दा के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की है एवं राज्य भर में पार्टी का झंडा एवं किसान सभा का झंड़ा झुका दिया गया है।