मुरी में नेताजी को दत्ता के बनाए हुए नाश्ता व चाय भा गए थे

0

मुरी:- नेताजी सुभाष चंद्र बोस की यादें आज भी मुरी में जीवित है। जिस होटल में उन्होंने वर्ष 1940 में रामगढ़ अधिवेशन के दौरान आये थे। उस वक़्त उन्होंने एक होटल में चाय पिया था। चाय पीने के बाद उन्होंने होटल के मालिक को तत्काल एक सम्मान पत्र दिया जिसपर नेताजी के हस्ताक्षर था।

होटल मालिक के परिजनों ने आज तक वो पत्र संभाल कर रखा है।मालूम हो कि रामगढ़ में 18 से 20 मार्च 1940 तक कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन हुआ था।जिसमें देश के सभी बड़े नेता भाग लेने आए थे। नेताजी सुभाष चंद्र बोस रामगढ़ में कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में शामिल होने के बाद वह मुरी पहुंचे थे।

हाबु नाथ दत्ता के पुत्र मानिक दत्ता एवं शशांक दत्ता बताते हैं कि सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद 16 मार्च को वे मुरी स्टेशन पहुंचे थे। जहां उनके पिता का कैंटीन हुआ करता था। उसी कैंटीन पर उन्होंने पिता के बनाए हुए नाश्ता एवं चाय का आनंद लिया था।एवं कैंटीन की शिकायत पंजी पर उन्होंने लिखा कि मैं यहां कुछ जलपान किया एवं पाया कि यहां की समान बिल्कुल अच्छी है एवं इनकी सेवा भी संतोषप्रद है। उनकी यादों को हमने संभालकर रखा है। नेताजी के रामगढ़ से मुरी होते हुए झालदा पुरुलिया के रास्ते होते हुए कोलकाता को वापस गए थे । उनके द्वारा लिखी गई पंजी की तस्वीरें आज तक संभालकर रखी हुई हैं। मेरे पिता ने भी इस यात्रा को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here