राज्य में स्थिति बेकाबू, कभी भी लग सकता है सम्पूर्ण लॉकडाउन

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रांची : ताजा आंकड़ों के अनुसार रांची से मिले 904 पोजिटिव मामले, पूरे झारखण्ड में 2373 नए पॉजिटिव मामले, इसके साथ ही झारखण्ड में कुल 137088 पॉजिटिव मामले, 12293 सक्रिय मामले, 123603 ठीक, 1192 मौतें।

ऊपर के आंकड़ों को देखकर आप समझ सकते हैं कि झारखंड में कोरोना की जैसी स्थिति पिछले साल अक्टूबर माह में थी, वही स्थिति वर्तमान में दोबारा हो गई है। पिछले साल अक्टूबर माह में राज्य में कोरोना के मामले प्रतिदिन औसतन लगभग एक फीसद बढ़ रहे थे। वर्तमान में भी कोरोना की औसत वृद्धि दर (एक सप्ताह में) एक फीसद हो गई है। इसका मतलब यह कि राज्य में कोरोना के जितने मामले अबतक सामने आए हैं उनमें एक फीसद की रोज वृद्धि हो रही है। जैसे, राज्य में शुक्रवार तक कोरोना के कुल 1,34,715 मामले आ चुके हैं। इनमें प्रतिदिन औसत 1,347 मामले बढ़ रहे हैं।

इस स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि सिर्फ पांच राज्य महाराष्ट्र, झारखंड, पंजाब, मध्य प्रदेश तथा गुजरात में ही कोरोना की औसत वृद्धि दर झारखंड से अधिक है। अन्य सभी राज्यों में यह औसत झारखंड से कम है। झारखंड में कोरोना मामले की होनेवाली औसत वृद्धि राष्ट्रीय औसत 0.64 फीसद से भी अधिक है। यह भी उल्लेखनीय है कि राज्य में अक्टूबर माह से कोरोना की औसत वृद्धि में लगातार कमी आ रही थी। इस साल फरवरी माह में यह घटकर 0.03 फीसद हो गई थी।

पिछली लहर की बात करें तो झारखंड में जब कोरोना पीक पर था तब इसकी औसत वृद्धि दर 28 अगस्त से चार सितंबर के बीच 4.2 फीसद पहुंच गई थी। उस समय छत्तीसगढ़ तथा त्रिपुरा में ही यह दर झारखंड से अधिक क्रमश: सात फीसद और 4.7 फीसद थी। अन्य सभी राज्यों में यह दर झारखंड से कम थी। पूरे देश की बात करें तो यह दर महज 2.21 फीसद ही थी जो झारखंड की दर से लगभग आधी थी। इससे दो सप्ताह पूर्व इस मामले में झारखंड छठे स्थान पर था।

उस समय (17-23 अगस्त) झारखंड में कोरोना की औसत वृद्धि दर महज 3.74 फीसद थी। सिर्फ ओडिशा, छत्तीसगढ़, केरल, पंजाब तथा मेघालय में यह दर झारखंड से अधिक थी। इस मामले में दो सप्ताह में ओडिशा, केरल, पंजाब तथा मेघालय झारखंड से बेहतर स्थिति में पहुंच गया था। जानकारों का कहना है कि राज्य में जिस तरह के दैनिक मामले लगातार बढ़ रहे हैं, उसके अनुसार, अगले माह पिछले साल के सितंबर का भी रिकार्ड टूट सकता है।