रात में चल रहा बालू का अवैध कारोबार

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झारखंड- मझीआंव(गढ़वा) थाना क्षेत्र के प्रतिबंधित स्थानीय कोयल नदी के पुल के समीप, एवं गवरवा गांव स्थित बालूगंज बांकी नदी घाट सहित कई अस्थाई घाट बनाकर घाटों से अभी भी बालू के कारोबारियों द्वारा खासकर रात्रि के समय बालू का अवैध उठाव कर निर्बाध रूप से परिवहन किया जा रहा है

जिससे सरकार को प्रत्येक महीने लाखों रुपए का राजस्व की हानि हो रही है। और तो और बड़े हाइबा वाहन पर ओवरलोडिंग बालू लादकर अंचल कार्यालय के नाक के सामने से गुजरता रहता है। इसके बावजूद भी प्रखंड के प्रशासन के अधिकारी जानते हुए भी आखिर क्या मजबूरी है ।की ओवरलोडिंग पर अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं। इधर प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि ओवरलोडिंग बालू के कारण मझीआंव व बिशुनपुरा मुख्य मार्ग दम तोड़ रही है। दर्जनों स्थानों पर छोटी छोटी पुलिया गढ़ा में तब्दील हो गया है। जिससे इस सड़क मार्ग से गुजरने वाले छोटे वाहन के परिवहन कार्य में वाहन चालक को बराबर जान का खतरा बना रहता है। यहां तक की जर्जर सड़क के कारण धूल उड़ती रहती है। जिससे इस धूलकण से लोगों के जीवन का खतरा बना रहता है। जबकि जिला उपायुक्त के द्वारा कई मर्तबा प्रतिबंधित नदियों से बालू उठाव पर अंकुश लगाने एवं ओवरलोडिंग रोकने का निर्देश दिया गया। इसके बावजूद भी प्रखंड के प्रशासनिक अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी मुख दर्शक बने हुए हैं।

इधर अल्पसंख्यक झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष अनवर हुसैन अंसारी ने कहा है कि ओवरलोडिंग पर अगर प्रखंड के प्रशासनिक अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं तो उनके विरूद्ध सीधे मुख्यमंत्री से संवाद किया जाएगा। और अगर जरूरत पड़ी तो प्रखंड कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

खबर – सरिता देवी