राम मंदिर निर्माण के लिए समतलीकरण में मिले शिवलिंग व अवशेष,बयानबाजी शुरू.. किसने क्या कहा.

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एजेंसी: सुप्रीम कोर्ट में लंबे अरसे से चल रहे हैं राम मंदिर बनाम बाबरी मस्जिद विवाद में फैसला आने के बाद रामलला तीर्थ ट्रस्ट के द्वारा राम मंदिर निर्माण हेतु समतलीकरण का कार्य शुरू हो चुका है। इस दौरान खुदाई में प्राचीन देवी देवताओं और कई खंडित और शेष प्राप्त होने के बाद इस मामले के दोनों पक्षों के पक्षकारों के बीच बयान बाजी जोरों पर हो शुरू है।

बता दें कि कोरोना वायरस के कारण समूचे भारत में लागू लॉकडाउन 4 के बीच मिली छूट के बाद कई हिस्सों में निर्माण कार्य शुरू हुआ। इसी दौरान अयोध्या में एक बार फिर राम मंदिर निर्माण प्रशासन से मंजूरी मिलने के पश्चात ट्रस्ट की ओर से 11 मई से रामजन्मभूमि परिसर को समतलीकरण के दौरान कुछ ऐसे और शेष मिलने शुरू हुए कि लोग आश्चर्यचकित होने लगे ।समतलीकरण के दौरान काफी पुरानी मूर्तियां मिलीं, ट्रस्ट की ओर से दावा किया गया कि यहां शिवलिंग, मूर्ति और अन्य कुछ सामान ज़मीन में मिले हैं।

इधर दूसरी ओर पुरानी मूर्तियों के मिलने के बाद बयानबाजी का भी दौर शुरू हो गया है। हिंदू महासभा के वकील विष्णु जैन ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट में बहस के दौरान हम पर मुस्लिम पक्ष ने हिंदू तालिबान का आरोप लगाया था और कहा था कि वहां पर मंदिर के कोई अवशेष नहीं है। पुरातात्विक मूर्तियां का मिलना यह उन आरोपों का जवाब है। जो हम सुप्रीम कोर्ट में बहस करते चले आ रहे थे।

दूसरी ओर बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी का कहना है कि अब सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ चुका है।ऐसे में अब कुछ बयान नहीं देना चाहते हैं. सत्तर साल तक चले मामले में फैसला आ चुका है, हमारी ओर से केस खत्म हो गया है। मूर्तियों को लेकर उन्होंने कहा कि वहां पर जो भी मिला है, उसका सम्मान होना चाहिए।

इधर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने वस्तुओं के बारे में अपने बयान में कहा, ‘खुदाई के दौरान पुरातत्विक महत्व की कई वस्तुएं मिली हैं जैसे कलश, पुष्प, आमलक इत्यादि. खुदाई के दौरान भारी संख्या में देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियों के अतिरिक्त 7 ब्लैक टच स्टोन के स्तम्भ, 6 रेड सैंडस्टोन के स्तम्भ सहित 5 फीट का एक शिवलिंग भी प्राप्त हुआ है’।