रिम्स अस्पताल में लगने लगा है लालू दरबार

0

रांची : चारा घोटाले में होटवार में सजा काट रहर लालू प्रसाद यादव का दरबार रिम्स अस्पताल में सजने लगा है। चारा घोटाले में सजायाफ्ता लालू प्रसाद यादव बीमार होने की शिकायत पर रिम्स के पेइंग वार्ड में भर्ती हैं। विधानसभा चुनाव परिणाम 2019 के बाद से यंहा का माहौल ही बदल गया है। रिम्स में हर दिन बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव का दरबार सजने लगा है। यहां पिछले दो सप्ताह से हर दिन बिहार झारखंड के छोटे-बड़े नेता उनसे मिल रहे हैं और राजनीतिक सियासत पर उनसे परामर्श ले रहे हैं। लालू प्रसाद यादव के जनता दरबार लगाने पर जेल प्रशासन की भी मौन सहमति है, क्योंकि जेल प्रशासन की अनुमति के बगैर कोई भी लालू से नहीं मिल सकता है।

ये सत्ता के बदलने का असर तो नहीं

एक समय था जब समय समाप्त होने पर लालू यादव के पुत्र तक को बिना मुलाकात के वापस होना पड़ता था। तो ऐसा क्या हो गया कि लगाने लगा लालू दरबार! अभी के समय में लालू प्रसाद यादव रिम्स में कॉटेज के कमरा नंबर 13 के बाहर कुर्सी पर बैठते हैं और उनके सामने की कुर्सी पर दरबारी रहते हैं, जो घंटों उनसे बातचीत करते रहते हैं। उनसे मुलाकात करने वालों में बिहार व झारखंड के बड़े-बड़े नेता व राजद के अधिकारी-कार्यकर्ता शामिल हैं। दिन के 12 बजे के बाद से मुलाकात का सिलसिला शुरू होकर शाम के चार बजे तक चलता है। इस बीच आने वाले लोग उनका आशीर्वाद लेने के साथ-साथ बैठकर बातचीत करते हैं।

मिलाने वाले लोग ले कर आते हैं खाने पिने का सामान

मिलने वाले लोग सिर्फ लालू प्रसाद से सिर्फ मुलाकात ही नहीं करते, बल्कि लालू प्रसाद के पास बगैर जांच व इजाजत के खाद्य पदार्थ व अन्य सामान भी पहुंच रहा है। कॉटेज के बाहर बैठकर लालू प्रसाद मुलाकातियों के लाए सामान को उनके ही साथ बैठकर खाते भी है। दिन भर में करीब 8 से 10 लोग उनसे मुलाकात करते है। इस दौरान उनके सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी किसी अन्य व्यक्ति को उनके सामने तक जाने नहीं देते है, वहीं बिना अनुमति के जितने लोग भी मुलाकात करते है उनका अब भी कोई रिकॉर्ड जेल प्रशासन के रजिस्टर में दर्ज नहीं किया जाता।

जिस तरह लालू प्रसाद तक लोग खाने-पीने का सामान लेकर पहुंच रहे हैं, इससे लालू की सुरक्षा भी खतरे में है। जेल मैनुअल के अनुसार किसी भी बंदी को कोई भी बाहरी व्यक्ति खाने-पीने का सामान नहीं दे सकता है, क्योंकि पूर्व में बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार में विषाक्त भोजन से एक बंदी की मौत हो गई थी, जो उससे मिलने वाले ने ही पहुंचाया था। इतना ही नहीं, लालू जहां खुले में बैठते हैं, वहां तक अपराधी भी आसानी से पहुंचकर उन्हें नुकसान पहुंचा सकता है। जेल प्रशासन लालू प्रसाद की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ कर रहा है।