लुकाछिपी खत्म, विधायक ढुल्लू ने पुलिस को चकमा देकर किया कोर्ट में समर्पण, जेल

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धनबाद: पिछले कई माह से झारखंड पुलिस के लिए परेशानी का सबब बने भारतीय जनता पार्टी विधायक ढुल्लू महतो ने सोमवार की सुबह प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी संगीता के आवासीय कार्यालय में सरेंडर किया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। आत्मसमर्पण के दौरान वे अपने वकील एसएन मुखर्जी उर्फ माती दा के साथ आए थे। इस तरह विधायक ने पुलिस को भनक नहीं लगने दी और आत्मसमर्पण चुपचाप कर दिया है। विधायक ढुल्लू महतो ने अपने समर्थक कपिल राणा के साथ आत्मसमर्पण किया।

बता दें कि ढुल्लू महतो की तलाश में झारखंड पुलिस उनके आवास से लेकर कई ठिकानों पर लगातार छापामारी कर रही थी।

वहीं खबरों के अनुसार विधायक ढुल्लू महतो के आत्मसमर्पण करने की योजना के बारे में उनके समर्थकों और भाई शत्रुघ्न महतो को बखूबी पता था इसलिए विधायक के भाई शत्रुघ्न महतो अपने समर्थकों के साथ कोर्ट परिसर में पहले से ही माैजूद थे।

खबरों के अनुसार मुजफ्फरपुर के व्यवसायी इरशाद आलम से रंगदारी मांगने और उसका हाईवा छीन लेने के मामले में बरोरा थाना कांड संख्या 20/20 के मामले में उन्होंने आत्मसमर्पण किया।

बता दें कि लॉकडाउन के कारण न्यायिक पदाधिकारी फिलहाल कोर्ट के बजाय आवासीय कार्यालय से ही कोर्ट की कार्यवाही का संपादन कर रहे हैं। लिहाजा ढुल्लू ने उनके आवासीय कार्यालय पर सरेंडर किया।

मुजफ्फरपुर के सोनबरसा निवासी इरशाद आलम की शिकायत पर विधायक ढुल्लू समेत पांच नामजद के विरूद्ध प्राथमिकी 22 मार्च 20 को दर्ज की गई थी। प्राथमिकी के मुताबिक श्रेया फाइनेंस कंपनी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा कोलकाता साल्ट लेक कॉलेज मोड़ कोलकाता धनबाद में काम कर रही कंपनी एयर डेक्कन को 42 पोकलेन एवं ड्रिल मशीन के लिए फाइनेंस किया गया था। बेकर कंपनी के द्वारा फाइनेंस का किस्त भुगतान नहीं किए जाने पर फाइनेंस कंपनी ने सभी मशीनों को नीलामी किया था। इरशाद ने 33 लाख रुपये भुगतान कर गाड़ियों को खरीदा था। इरशाद को उपरोक्त गाड़ी मुराईडीह एरीया-1 से ले जाने का आदेश प्राप्त हुआ। मार्च 2016 में जब इरशाद अपने 4 कर्मचारियों के साथ गाड़ियों को प्राप्त करने हेतु मुराईडीह एरिया नंबर 1 बरोरा आया और गाड़ियों को मुरारी से ले जाने का प्रयास किया तो बाघमारा विधायक ढुल्लू महत, कपिल राणा और उनके बॉडीगार्ड केदार यादव, सिकंदर चौहान ,धर्मेंद्र गुप्ता एवं 8-10 लोग हरवे हथियार से लैस होकर आए और धमकी देते हुए रंगदारी की मांग की। जान से मारने की धमकी देते हुए विधायक ने 40 लाख रुपए अपने लड़कों के लिए और अपने लिए 15 लाख रंगदारी की मांग की। रंगदारी की रकम भुगतान करने से इन्कार करने पर विधायक ढुल्लू महतो व अन्य लोगों ने गाली-गलौज और मारपीट की।

गौरतलब है कि 19 फरवरी को पुलिस ने विधायक ढुलू महतो के चिटाही स्थित आवास पर छापामारी की थी लेकिन वे पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहे थे। इस छापामारी के बाद से विधायक के भूमिगत होने की चर्चा जोरों पर थी।

वहीं यह भी बता दे विधायक ढुल्लू महतो की अग्रिम जमानत अर्जी कांग्रेस नेत्री से दुष्कर्म के मामले में उच्च न्यायालय से भी खारिज हो चुकी है। जबकि हरिजन उत्पीड़न के मामले में विधायक ढुल्लू की जमानत अर्जी अभी लंबित है। अग्रिम जमानत न मिलने की स्थिति में विधायक ने आत्मसमर्पण कर दिया।

जानकार सूत्रों का कहना है कि अब पुलिस दुष्कर्म के प्रयास से संबंधित मामले में पुलिस विधायक को रिमांड में लेकर पूछताछ कर सकती है।