लॉकडाउन के आदेश को ठेंगा दिखा रहा है टाटा सिल्वे स्थित उषा मार्टिन प्लांट

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नामकुम: कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए झारखंड सरकार ने 31 मार्च तक लॉक डाउन का आदेश दिया है साथ ही धारा 144 भी लगा दी गई है इसके बावजूद एक ओर टाटा सिल्वे स्थित उषा मार्टिन प्लांट इन आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए कंपनी का परिचालन बदस्तूर ढंग से करते हुए मजदूरों की जान के साथ-साथ उनके परिजनों और ग्रामवासियों के जीवन से खिलवाड़ करने पर उतारू है।

वहीं दूसरी ओर सोमवार को विधायक राजेश कच्छप, प्रखंड विकास पदाधिकारी देवदत्त पाठक सहित पहुंचे कई जनप्रतिनिधियों ने कंपनी के एच आर से लाकडाउन होने के बावजूद कंपनी चलाने पर विरोध प्रकट किया तो कंपनी प्रबंधन का कहना था कि उपायुक्त की अनुमति से कंपनी चलाई जा रही है। यहां कुछ ऐसी मशीनें हैं जिनको चलाना जरूरी है। वहीं विधायक ने कहा कि फिलहाल ऐसे वक्त में धन से ज्यादा मानव जीवन की कीमत है उसे बचाना जरूरी है। विधायक ने कहा कि यदि कंपनी बंद नहीं की जाती है तो मंगलवार या बुधवार को कंपनी प्रबंधन के खिलाफ कंपनी गेट पर धरना दिया जाएगा।

विधायक का यह भी कहना है कि कंपनी में मजदूरों की सुरक्षा हेतु ना तो सैनिटाइजर और न मास्क की सुविधा मजदूरों को दी जा रही है। मजदूरों को हाजिरी भी बायोमैट्रिक सिस्टम से बनवाई जा रही है। विधायक ने यह भी आरोप लगाया है कि उनकी गाड़ी कंपनी के अंदर नहीं थी जान दी गई जो कि प्रोटोकॉल का उल्लंघन है।

वहीं दूसरी ओर उषा मार्टिन के पीआरओ मयंक मुरारी का कहना है कि कंपनी कोरोना को लेकर सारी एहतियात बरत रही है। जहां जरूरत है वहां मजदूरों को सैनिटाइजर और मास्क दिया जा रहा है। कोरोना को देखते हुए समय-समय पर मजदूरों की चिकित्सकीय जांच कराई जा रही है। फैक्ट्री में कई ऐसी मशीनें हैं जिन्हे अचानक बंद नहीं किया जा सकता। धीरे धीरे बंद किया जाएगा।

इधर अभी-अभी ताजा खबरों के अनुसार मजदूरों के बढ़ते आक्रोश, विधायक और जनप्रतिनिधियों सहित प्रशासनिक दबाव में कंपनी प्रबंधन दें कंपनी को बंद करने का नोटिस जारी कर दिया है।