लॉ कालेज की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म पर कोर्ट का फैसला: अंतिम सांस तक जेल में रहेंगे 11 दुष्कर्मी

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रांची : लॉ छात्रा से गैंगरेप के मामले में कोर्ट ने 11 दोषियों को अंतिम सांस तक कैद की सजा सुनाने के साथ 50-50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। खास बात यह है कि गैंगरेप के इस मामले में 100 दिनों के अंदर कोर्ट में सुनवाई पूरी कर ली गई बता दें कि गत वर्ष 26 नवंबर को कांके संग्रामपुर में लॉ छात्रा बस स्टॉप पर बैठकर बात कर रही थी। इसी बीच ऑल्टो कार में सवार नशे में धूत छह युवक हथियार के साथ वहां आ धमके और छात्रा के साथ छेड़खानी शुरू कर दिया। छेड़खानी का विरोध करने पर छात्रा के दोस्त के साथ मारपीट करते हुए छात्रा को हथियार के बल पर जबरन कार में बिठाकर पास के गांव स्थित एक ईंट-भट्ठे के पास ले गए और वहां उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया था। इस मामले में 12 आरोपियों को पुलिस ने दूसरे दिन गिरफ्तार किया था। आरोपियों में कुलदीप उरांव, सुनील उरांव, संदीप तिर्की, अजय मुंडा, राजन उरांव, नवीन उरांव, बसंत कच्छप, रवि उरांव, रोहित उरांव, सुनील मुंडा, ऋषि उरांव एवं एक नाबालिग शामिल हैं।

खबरों के अनुसार पुलिस ने इस मामले में मुख्यमंत्री द्वारा संज्ञान लेने के बाद जांच में तेजी दिखाते हुए 24 दिनों के अंदर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से 21 गवाह पेश किए गए थे। जबकि बचाव पक्ष की ओर एक भी गवाह अदालत में उपस्थित नहीं हुआ। कोर्ट के समक्ष अभियोजन पक्ष की ओर से डीएनए टेस्ट, मेडिकल रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड सहित कई साक्ष्य बतौर सबूत प्रस्तुत किए गए थे।

बता दें कि 26 फरवरी को जज नवनीत कुमार की कोर्ट ने इन सभी को दोषी करार दिया था। सजा सुनाने के लिए 2 मार्च की तारीख तय की गई थी। सोमवार को सजा की घोषणा के दौरान कोर्ट में डीजीपी कमल नयन चौबे भी मौजूद थे।

वहीं दूसरी ओर मामले में एक नाबालिग का मामला जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में विचाराधीन है।

बता दें कि इस गैंगरेप में आरोपियों ने निर्दयता की पराकाष्ठा पार कर दी थी। छात्रा के बेहोश होने के बावजूद आरोपियों ने फोन कर छह अन्य दोस्तों को बुलवाकर पीड़िता का गैंगरेप करवाया था। बाद में पीड़िता के होश में आते ही आरोपियों ने उसे वापस उसी बस स्टॉप पर लाकर छोड़ फरार हो गए।पीड़ित छात्रा किसी तरह अपने दोस्त की मदद से कांके थाना पहुंची और पुलिस से शिकायत की थी।