लोकप्रिय सेवानिवृत्त पशु चिकित्सक- डॉक्टर इंद्रजीत शर्मा नहीं रहे

0

गढ़वा : जिले के कांडी प्रखंड सहित आसपास के प्रखंडों में भी बेहद लोकप्रिय सेवानिवृत्त पशु चिकित्सक- डॉक्टर इंद्रजीत शर्मा नहीं रहे। वे 82 वर्ष के थे। मंगलवार के तड़के उन्होंने अपने कांडी स्थित आवास पर अंतिम सांस ली। संभवत ब्रेन हेमरेज के कारण उनकी जीवन लीला समाप्त हो गई। मालूम हो कि देवरिया उत्तर प्रदेश से नौकरी के सिलसिले में सरकारी पशु चिकित्सक के रूप में बहाल हो कर डॉ इंद्रजीत शर्मा 7 सितंबर 1978 को कांडी आए थे। जबकि 30 अप्रैल 2001 को यहीं से सेवानिवृत्त हुए। डॉ शर्मा की सरकारी सेवा की शुरुआत नालंदा जिला के गिरियक से हुई थी। उसके बाद नौहट्टा बिहार, बिश्रामपुर पलामू और फिर कांडी में सेवा दी। यहां के लोगों से इतना अधिक अपनापन हो गया कि वे यहीं के होकर रह गए। आज इस बात की कई लोगों को चर्चा करते सुना कि जिस समय कांडी में सड़के नहीं थी। उस समय भी बरसात के मौसम में घुटना भर कीचड़ में चलकर मिलो मील दूर किसी के बीमार मवेशी का इलाज करने शर्मा जी उसके घर पहुंच जाते थे। पूछे जाने पर हंसकर कहते कि अरे भैया यह तो उनकी ड्यूटी है। उनके रहते लोग अपने पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए निश्चिंत रहा करते थे। उनकी मिलन सारिता, हंसमुख स्वभाव, बात-बात में ठहाका लगाकर गंभीर मसले को भी हंसी में उड़ा देने वाले डॉक्टर शर्मा के निधन से पूरे इलाके के लोग मर्माहत हैं।

लोगों ने जैसे ही यह खबर सुनी एकबारगी विश्वास ही नहीं हुआ। कुछ ही साल पहले उन्होंने कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति की बदौलत मात दे दिया था। इस तरह बिना किसी बीमारी के अचानक से चले जाना किसी के गले नहीं उतर रहा था। जो भी इस घटना को सुना भागते हुए शर्मा जी के आवास पहुंचा। यहां आने पर लोगों को कयास हो गया कि बात सही है। वरना वह यह सोचकर चल रहे थे कि काश यह बात झूठी निकले। डॉ शर्मा अपने पीछे तीन पुत्र, एक पुत्री व नाती पोतों से भरा हुआ परिवार छोड़ गए हैं। खबर लिखे जाने तक उनकी अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही थी।

संवाददाता- विवेक चौबे