सरकारी चपाकाल के लिए हो रहा विवाद

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गढ़वा/मंझीआव : जिले के मंझीआव नगर पंचायत क्षेत्र से सरकारी चापाकल को निजी तौर पर इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। भुक्तभोगी संजीत कुमार तिवारी ने DC को ईमेल के जरिए आवेदन देते हुए कहा कि गांव के उनके माता श्री अमला देवी 04 अप्रैल की सुबह जब उनके घर के बगल में स्थिति सरकारी चपाकाल से पीने के लिए पानी भरने गए तो अवधेश तिवारी द्वारा गाली गलौज किया गया साथ ही भविष्य में दुबारा पानी नहीं भरने की चेतवानी दी गई।

अवधेश तिवारी काफी लंबे समय से ग्रामीणों को पानी पीने से रोकते थे मगर सामाजिक दृष्टिकोण से उनका सम्मान करते हुवे किसी ने आज तक शिकायत नहीं की उसका गलत उपयोग उठाकर अवधेश तिवारी ने सरकारी चपाकाल में समरसेबूल लगाकर पानी का दुरुपयोग करना सुरु कर दिया।

ग्रामीणों ने कहा कि सरकारी चापाकल में सबमर्सिबल लगा देने से ग्रामीणों को पेयजल नहीं मिल रहा है। संजीत के मेल को DC ने मामले को गंभीरता से लिया और मामले में को PHED GARHWA को भेजा चूंकि नगर पंचायत मंझियाओं बनने के बाद सभी पुराने चापाकल अब नगर पंचायत मंझियाओं के अंतर्गत आता है इसलिए PHED ने ये मामला नगर पंचायत मंझियाओं को ट्रांसफर किया।

मामले की गंभीरता देखते हुए नगर पंचायत मंझियाओं के कार्यपालक पदाधिकारी ने तुरंत अवधेश तिवारी को नोटिस भेजा कि आपको 24 घंटे में समरसेबुल निकाल लेना है साथ साथ उन्हें चेतवानी भी दिया गया की भविष्य में पानी पीने के लिए आप किसी को माना नही कर सकते वर्ना आपके ऊपर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल जानकारी के अनुसार समरेबुल निकाल लिया गया है मगर अभी तक पीड़ित पक्ष को नगर पंचायत की तरफ से कोई भी आश्वासन नहीं मिला है की आप पानी भर सकते हैं। पीड़ित पक्ष नगर पंचायत कार्यपालक पदाधिकारी से अनुरोध करता है की उन्हें उनके शिकायत पत्र के जवाब में लिखित दे की यह चपाकल सार्वजनिक और सरकारी है और यहां से भविष्य में कोई भी पानी भर सकता है।